लखनऊ में पोस्टर वॉर तेज: ‘ल्यारी’ बनाम ‘धुंआ-धर’ नैरेटिव से गरमाई सियासत

The Red Ink: उत्तर प्रदेश की राजनीति अब दीवारों और चौराहों पर उतर आई है। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजधानी लखनऊ में पोस्टर वॉर ने सियासी तापमान अचानक बढ़ा दिया है।

सुबह की शुरुआत-अखिलेश पर निशाना
सुबह शहर के अलग-अलग इलाकों में कुछ पोस्टर लगे दिखे, जिनमें समाजवादी पार्टी के शासनकाल को ‘ल्यारी राज’ बताकर सवाल उठाए गए। इन पोस्टरों में मुजफ्फरनगर, मेरठ और शामली दंगों का जिक्र करते हुए उस दौर की कानून-व्यवस्था पर हमला किया गया। हालांकि पोस्टर पर सीधे तौर पर किसी बीजेपी नेता या पार्टी का कोई नाम नहीं था यह पोस्टर ‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ के नाम से लगाया गया था।

कुछ घंटों बाद-योगी सरकार पर पलटवार
दिन चढ़ते-चढ़ते तस्वीर बदल गई। अब शहर में नए पोस्टर नजर आए, जिन्हें कथित तौर पर सपा से जोड़ा जा रहा है। इन पोस्टरों में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की तस्वीर के साथ बड़े अक्षरों में लिखा है- “यूपी में धुंआ-धर राज”, पोस्टर में राज्य में हुई विभिन्न आपराधिक घटनाओं की न्यूज कटिंग्स लगाई गई हैं, जिनके जरिए मौजूदा कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं।

पोस्टर नहीं, नैरेटिव की जंग
यह सिर्फ पोस्टरबाजी नहीं, बल्कि दो अलग-अलग नैरेटिव की सीधी टक्कर बनती दिख रही है। एक तरफ पिछले शासनकाल को अराजक बताने की कोशिश है, तो दूसरी तरफ मौजूदा सरकार को अपराध के मुद्दे पर घेरने की रणनीति नजर आ रही है।

2027 से पहले सड़कों पर मुकाबला
लखनऊ के चौराहों पर शुरू हुई यह पोस्टर वॉर साफ संकेत दे रही है कि 2027 की चुनावी लड़ाई अब जमीन पर उतर चुकी है। यह सिर्फ सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि जनता के बीच अपनी धारणा मजबूत करने की कोशिश है।

अब अगली चाल किसकी?
फिलहाल पोस्टर ही सियासत की भाषा बन चुके हैं और हर नया पोस्टर एक नया वार साबित हो रहा है। अब नजर इस बात पर है कि अगला नैरेटिव कौन सेट करेगा।

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