होर्मुज पर ‘कब्जे’ की मांग! UAE ने US से कहा- जंग जारी रखो, अब पीछे हटना नहीं

The Red Ink: मिडिल ईस्ट की जंग अब एक नए मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। एक तरफ Donald Trump जल्द से जल्द युद्ध खत्म करने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ United Arab Emirates ने अब खुलकर मोर्चा संभालने का संकेत दे दिया है। UAE चाहता है कि किसी भी कीमत पर Strait of Hormuz को खोला जाए और सिर्फ खुलवाया ही नहीं बल्कि उस पर अपना कंट्रोल भी स्थापित किया जाए।

जंग खत्म करने की बात…और UAE का उल्टा रुख
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब ट्रंप ने बुधवार, 1 अप्रैल को साफ कहा कि अमेरिका बिना किसी डील के भी Iran के खिलाफ जंग खत्म करने को तैयार है लेकिन Wall Street Journal की रिपोर्ट इसके ठीक उलट तस्वीर दिखाती है। रिपोर्ट के मुताबिक UAE, अमेरिका से जंग जारी रखने की अपील कर रहा है यानी मैदान छोड़ने नहीं बल्कि और आक्रामक होने की तैयारी है।

UN में प्रस्ताव, सैन्य गठबंधन की तैयारी
रिपोर्ट के अनुसार, UAE अब UN Security Council में एक प्रस्ताव लाने की कोशिश कर रहा है। इस प्रस्ताव के जरिए ईरान के खिलाफ मिलिट्री एक्शन की मंजूरी ली जाएगी। अमेरिका, यूरोप और एशिया की ताकतों को जोड़कर एक सैन्य गठबंधन बनाया जाएगा और लक्ष्य होगा- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सैन्य हस्तक्षेप से खुलवाना। UAE का मानना है कि यह तेल मार्ग पूरे क्षेत्र की लाइफलाइन है, और इसके बंद होने से ऊर्जा सप्लाई पर सीधा असर पड़ रहा है।

ईरान पर गंभीर आरोप, एक्शन प्लान तैयार
UAE के एक अधिकारी के मुताबिक ईरान खाड़ी क्षेत्र में मनमानी कर रहा है। होर्मुज को बंद कर अमेरिका और इज़रायल पर दबाव बना रहा है लेकिन इसका नुकसान सबसे ज्यादा खाड़ी देशों को झेलना पड़ रहा है। इसी को देखते हुए UAE ने अपना प्लान ऑफ एक्शन भी तैयार कर लिया है, जिसमें समुद्र में बिछे माइंस हटाना और सुरक्षा ऑपरेशन चलाना शामिल है

दोस्ती से टकराव तक- UAE का बड़ा ‘U-Turn’
सबसे बड़ा सवाल यही है UAE का रुख अचानक इतना आक्रामक क्यों हो गया? रिपोर्ट के मुताबिक पहले UAE और ईरान के बीच संबंध ठीक-ठाक थे। यहां तक कि UAE ने वॉशिंगटन और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिश भी की थी लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। अधिकारियों ने इसे “फंडामेंटल शिफ्ट” बताया है यानी नीति में पूरी तरह बदलाव।

2500 मिसाइल हमले- बदलाव की असली वजह?
इस बदलाव के पीछे एक बड़ी वजह भी बताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान अब तक UAE पर 2500 मिसाइल हमले कर चुका है। यही वजह है कि अब UAE रक्षात्मक नहीं बल्कि सीधे टकराव के मोड में आ गया है।

होर्मुज सिर्फ एक जलडमरूमध्य नहीं बल्कि दुनिया की तेल सप्लाई की धड़कन है। अब सवाल ये है- क्या UAE की ये आक्रामक रणनीति जंग को और भड़काएगी? या फिर यही दबाव किसी बड़े समझौते की जमीन तैयार करेगा? एक बात तय है अब यह लड़ाई सिर्फ अमेरिका बनाम ईरान नहीं रही अब इसमें खाड़ी देश भी खुलकर मैदान में उतर चुके हैं।

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