THDC Tunnel Accident: चमोली सुरंग हादसे में बढ़ा मौत का आंकड़ा, 7 श्रमिकों की मौत, कई घंटों से जारी रेस्क्यू ऑपरेशन

THDC Tunnel Accident में देर रात बड़ा और दुखद अपडेट सामने आया है। उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में टीएचडीसी की निर्माणाधीन सुरंग में पानी और मलबा घुसने से हुए हादसे में कई श्रमिकों की जान चली गई।

राहत और बचाव अभियान के बीच एनडीआरएफ ने सुरंग से चार शव बाहर निकाले हैं, जबकि ताजा जानकारी के अनुसार हादसे में कुल सात लोगों की मौत हो चुकी है। कई घायल श्रमिकों का इलाज चल रहा है और सुरंग के भीतर फंसे लोगों की तलाश के लिए अभियान लगातार जारी है।

कैसे हुआ था हादसा?

गुरुवार शाम चमोली के पीपलकोटी में स्थित टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (THDC) की निर्माणाधीन सुरंग में अचानक पानी और मलबा भर गया था।

प्रोजेक्ट अधिकारियों के अनुसार, हादसा सुरंग के प्रवेश द्वार से करीब दो किलोमीटर अंदर हुआ। उस समय सुरंग के भीतर 20 से 22 कर्मचारी और मजदूर काम कर रहे थे।

बताया जा रहा है कि अचानक एक जलस्रोत फट गया, जिसके बाद तेज रफ्तार से पानी और मलबा सुरंग के भीतर घुस आया। हालात इतने तेजी से बिगड़े कि कई लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

सात लोगों की मौत, 11 घायल

THDC Tunnel Accident में अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि की जा चुकी है।

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, हादसे में 11 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा, क्योंकि रेस्क्यू ऑपरेशन अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

एनडीआरएफ ने निकाले चार शव

एनडीआरएफ के टीम कमांडर अमृत लाल मीणा ने बताया कि जब बचाव दल मौके पर पहुंचा तो सुरंग के भीतर काफी मात्रा में पानी भरा हुआ था।

उन्होंने कहा कि सुरंग की दीवारों और किनारों से लगातार पानी रिस रहा था, जिससे बचाव अभियान और चुनौतीपूर्ण हो गया। इसके बावजूद विशेष उपकरणों और तकनीकी संसाधनों की मदद से अब तक चार शव बाहर निकाले जा चुके हैं।

एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस और अन्य एजेंसियां संयुक्त रूप से अभियान चला रही हैं।

कई श्रमिक बहाव के साथ बाहर निकलने में सफल रहे

टीएचडीसी परियोजना के अधिकारियों के अनुसार, पानी का दबाव अचानक इतना अधिक था कि सुरंग के भीतर मौजूद श्रमिकों को बचाव का समय नहीं मिल पाया।

हालांकि कुछ मजदूर पानी के तेज बहाव के साथ किसी तरह सुरंग से बाहर निकलने में सफल रहे और उनकी जान बच गई। वहीं कई लोग अंदर फंस गए, जिन तक पहुंचने के लिए बचाव दल लगातार प्रयास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी लगातार ले रहे जानकारी

THDC Tunnel Accident के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्यों के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा दिए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर तैनात किया गया है और बचाव अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जब तक सुरंग के भीतर मौजूद हर व्यक्ति का पता नहीं चल जाता, तब तक अभियान जारी रहेगा।

चुनौतीपूर्ण बना रेस्क्यू ऑपरेशन

बचाव कार्य में सबसे बड़ी चुनौती सुरंग के भीतर लगातार भरा पानी और मलबा है। विशेषज्ञ टीमों को पहले पानी का स्तर नियंत्रित करना पड़ रहा है, ताकि अंदर तक सुरक्षित तरीके से पहुंचा जा सके।

इसके अलावा सुरंग के भीतर ऑक्सीजन, रोशनी और सुरक्षा संबंधी कई चुनौतियां भी मौजूद हैं। इसी वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद सावधानी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।

पूरे देश की नजर चमोली पर

उत्तराखंड में पिछले कुछ वर्षों के दौरान सुरंग और निर्माण परियोजनाओं से जुड़े कई बड़े हादसे सामने आ चुके हैं। ऐसे में THDC Tunnel Accident ने एक बार फिर सुरक्षा मानकों और जोखिम प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल पूरे देश की नजर चमोली में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन पर है। प्रशासन का कहना है कि अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने और सभी प्रभावितों को बाहर निकालने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

Read this also

THDC Tunnel Accident: चमोली की निर्माणाधीन टनल में घुसा पानी और मलबा, 16 श्रमिकों को सुरक्षित निकाला गया

 

Hot this week

Topics

Related Articles

Popular Categories