Indus Waters Treaty को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने सिंधु जल समझौते के मुद्दे पर भारत को चेतावनी देते हुए कहा है कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी की एक-एक बूंद उसके लिए “रेडलाइन” है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि भारत ने अपना मौजूदा रुख नहीं बदला तो पाकिस्तान इसका सीधा जवाब देगा। शहबाज़ का यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच जल, सुरक्षा और कूटनीतिक मुद्दों पर तनाव बना हुआ है।
सिंधु जल समझौते पर पाकिस्तान का कड़ा रुख
इस्लामाबाद में आयोजित ‘यादगार-ए-फतह’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शहबाज़ शरीफ ने भारत द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित किए जाने के फैसले पर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपने जल अधिकारों को लेकर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा। उनके मुताबिक, देश के हिस्से के पानी की सुरक्षा राष्ट्रीय हितों से जुड़ा मामला है और इसे लेकर पाकिस्तान पूरी तरह सतर्क है।
शहबाज़ शरीफ ने कहा कि यदि स्थिति में बदलाव नहीं हुआ तो पाकिस्तान अपने हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।
पहलगाम हमले के बाद बढ़ा था विवाद
Indus Waters Treaty पर मौजूदा विवाद की पृष्ठभूमि अप्रैल 2025 से जुड़ी है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए थे।
इसके बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई के तहत सिंधु जल संधि को निलंबित करने का फैसला किया था। तब से यह मुद्दा दोनों देशों के बीच प्रमुख कूटनीतिक विवादों में शामिल है।
पाकिस्तान लगातार इस फैसले का विरोध करता रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मुद्दे को उठाने की कोशिश करता रहा है।
अमेरिका-ईरान तनाव पर भी बोले शहबाज़
अपने संबोधन के दौरान शहबाज़ शरीफ ने केवल भारत-पाकिस्तान संबंधों पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान वैश्विक स्तर पर शांति और स्थिरता का समर्थक है तथा दुनिया को नए संघर्षों से बचाने के प्रयास करता रहेगा।
शहबाज़ ने दावा किया कि पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के दौरान एक जिम्मेदार मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश की थी।
असीम मुनीर और इसहाक डार की तारीफ
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में शांति प्रयासों में असीम मुनीर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसके साथ ही उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक डार के कूटनीतिक प्रयासों की भी प्रशंसा की गई।
शहबाज़ के मुताबिक, सऊदी अरब और तुर्की के साथ हुए कई महत्वपूर्ण समझौतों में पाकिस्तानी नेतृत्व की सक्रिय भूमिका रही है।
डोनाल्ड ट्रंप को भी कहा धन्यवाद
Indus Waters Treaty पर बयान के दौरान शहबाज़ शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी उल्लेख किया।
उन्होंने दावा किया कि ट्रंप ने पिछले वर्ष भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिससे क्षेत्र में तनाव कम हुआ और संभावित बड़े संघर्ष को टाला जा सका।
हालांकि इस दावे पर भारत की ओर से पहले भी अलग रुख सामने आता रहा है।
अफगानिस्तान को लेकर भी जताई चिंता
शहबाज़ शरीफ ने अपने भाषण में अफगानिस्तान का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता चाहता है, लेकिन किसी भी स्थिति में अफगान भूमि का उपयोग पाकिस्तान के खिलाफ नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद से जुड़े मुद्दों पर पाकिस्तान अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा।
दक्षिण एशिया की राजनीति पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि Indus Waters Treaty को लेकर बढ़ती बयानबाजी दक्षिण एशिया की राजनीति और कूटनीति पर असर डाल सकती है।
सिंधु जल समझौता दोनों देशों के बीच सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समझौतों में गिना जाता है। ऐसे में इस पर जारी विवाद आने वाले समय में भारत-पाकिस्तान संबंधों को और प्रभावित कर सकता है।
फिलहाल दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर कोई नई आधिकारिक वार्ता घोषित नहीं की गई है, लेकिन शहबाज़ शरीफ के ताजा बयान ने इस बहस को फिर से केंद्र में ला दिया है।




