Rahul Gandhi on Kharge Rally: खड़गे की रैली के बाद मंच पर हवन विवाद पर राहुल गांधी का हमला, बोले- BJP-RSS की मनुवादी सोच संविधान के खिलाफ

Rahul Gandhi on Kharge Rally को लेकर देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुई रैली के बाद मंच पर कथित तौर पर हवन और शुद्धिकरण किए जाने के आरोपों पर राहुल गांधी ने बीजेपी और आरएसएस पर तीखा हमला बोला है।

उन्होंने इसे संविधान, समानता और सामाजिक न्याय की भावना के खिलाफ बताया। वहीं कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर देशभर में जिला स्तर पर मार्च और सत्याग्रह करने का ऐलान किया है।

राहुल गांधी ने BJP-RSS पर लगाया गंभीर आरोप

Rahul Gandhi on Kharge Rally मामले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद मंच पर किया गया कथित शुद्धिकरण केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं है, बल्कि उस संविधान का भी अपमान है जिसने छुआछूत को अपराध घोषित किया है।

राहुल गांधी ने कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि वर्षों से पनपाई गई उस मनुवादी सोच का परिणाम है जो आज भी इंसान की पहचान उसके जन्म से तय करना चाहती है, न कि समानता और इंसानियत के आधार पर। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और आरएसएस ऐसी मानसिकता को बढ़ावा दे रहे हैं।

कांग्रेस का देशव्यापी आंदोलन का ऐलान

विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का फैसला किया है। पार्टी ने 14 अगस्त को देश के सभी जिला मुख्यालयों पर मार्च और सत्याग्रह आयोजित करने की घोषणा की है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक सम्मान और संवैधानिक मूल्यों से जुड़ा विषय है। पार्टी इस मामले को जनता के बीच लेकर जाएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगी।

राज्यसभा में खड़गे ने उठाया मामला

कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को सदन में इस घटना का जिक्र करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।

उन्होंने कहा कि 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आयोजित सभा में उन्होंने केवल जनता की समस्याओं पर बात की थी। किसी धर्म, जाति या समुदाय के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की थी। इसके बावजूद सभा समाप्त होने के बाद मंच पर कथित तौर पर हवन और शुद्धिकरण किया गया।

खड़गे ने कहा कि वह अनुसूचित जाति से आते हैं और वर्षों से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं, लेकिन उन्होंने कभी अपनी पहचान के आधार पर किसी से सुरक्षा या सहानुभूति की मांग नहीं की। उन्होंने कहा कि इस घटना ने उन्हें गहरा आहत किया है।

अनटचेबिलिटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग

खड़गे ने मांग की कि यदि मंच का शुद्धिकरण किया गया है तो इसमें शामिल लोगों के खिलाफ अनटचेबिलिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाए।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी व्यक्ति को उसकी सामाजिक पृष्ठभूमि के आधार पर अपमानित करना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने दोषियों की गिरफ्तारी की भी मांग की।

जेपी नड्डा ने कहा- बीजेपी ऐसी सोच का समर्थन नहीं करती

विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा कि यदि खड़गे की भावनाएं आहत हुई हैं तो यह पूरे देश के लिए दुखद है।

नड्डा ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी किसी भी प्रकार के भेदभावपूर्ण या अपमानजनक व्यवहार का समर्थन नहीं करती। उन्होंने कहा कि मामले की पूरी जांच कराई जाएगी और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए।

कांग्रेस के दूसरे दलित अध्यक्ष हैं खड़गे

मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस के इतिहास में बाबू जगजीवन राम के बाद दूसरे दलित अध्यक्ष हैं। उनका राजनीतिक सफर कर्नाटक से शुरू हुआ और वे कई बार विधायक, सांसद और केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं।

वर्ष 2022 में कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद खड़गे पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। वर्तमान में वे राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका भी निभा रहे हैं।

सियासी माहौल हुआ गरम

हलद्वानी रैली विवाद ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। कांग्रेस इसे सामाजिक न्याय और संविधान के सम्मान का मुद्दा बता रही है, जबकि बीजेपी किसी भी तरह की भेदभावपूर्ण गतिविधि से दूरी बनाते हुए जांच की बात कह रही है।

आने वाले दिनों में यह मामला संसद से लेकर सड़क तक राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन सकता है।

Hot this week

Topics

Related Articles

Popular Categories