The Red Ink
सोमवार को लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके का रानी खेड़ा गांव अचानक चीख-पुकार से गूंज उठा। रिहायशी इलाके में लगी भीषण आग ने कुछ ही मिनटों में ऐसा रूप ले लिया कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। लपटें तेजी से फैलती गईं और देखते ही देखते कई बेजुबान जानवर उसकी चपेट में आ गए। इस हादसे में एक भैंस, उसका बच्चा (पड़वा) और एक पालतू कुत्ता जिंदा जल गए, जिससे गांव में सन्नाटा और दुख का माहौल है।
जान जोखिम में डालकर बचाने पहुंचा, खुद झुलस गया
आग के बीच मवेशियों को बचाने की कोशिश में सुशील का बेटा आदित्य आगे बढ़ा, लेकिन हालात इतने खतरनाक थे कि वह खुद ही आग की चपेट में आ गया। गंभीर रूप से झुलसे आदित्य को परिजनों और ग्रामीणों ने तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है।
दमकल की मशक्कत के बाद काबू
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। कड़ी मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया जा सका। मौके पर भागू खेड़ा चौकी इंचार्ज आशीष कुमार, सिसेंडी चौकी इंचार्ज अनूप सिंह और कांस्टेबल राघवेंद्र गौतम पुलिस टीम के साथ तैनात रहे। समय रहते आग को आसपास के घरों तक फैलने से रोक लिया गया।
कुछ पशु अब भी जिंदगी की जंग में
हादसे में एक अन्य भैंस और उसका बच्चा भी बुरी तरह झुलस गए हैं। ग्रामीणों ने तत्काल पशु चिकित्सकों को बुलाया है, ताकि उनका इलाज किया जा सके।
वजह पर बना सस्पेंस
आग किन कारणों से लगी, यह अब तक साफ नहीं हो पाया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और हर पहलू को खंगाला जा रहा है।




