The Red Ink: रामपुर की एक दर्दनाक घटना, जिसे शुरुआत में हादसा बताया गया था, अब एक सुनियोजित और बेहद क्रूर डबल मर्डर के रूप में सामने आई है। महिला सिपाही और उसके 2 साल के मासूम बेटे की कार में जलकर मौत के पीछे उसी का पति निकला जिसने इंश्योरेंस के पैसे के लिए पूरी साजिश रची।
हादसे की कहानी, जो झूठ निकली
25 फरवरी की रात महिला सिपाही लता अपने बेटे लड्डू, पति दान सिंह (22) और देवर रवि (20) के साथ स्वार-बाजपुर रोड से गुजर रही थी। इसी दौरान कार में आग लगने की घटना हुई, जिसमें लता और उसका बेटा जिंदा जल गए, जबकि पति और देवर बच निकले।
दोनों ने पुलिस को बताया कि डंपर की टक्कर के बाद कार में आग लगी, लेकिन यह कहानी ज्यादा देर टिक नहीं सकी।
बयानों में झोल, पोस्टमॉर्टम से खुला सच
पुलिस पूछताछ में दान सिंह और रवि लगातार अपने बयान बदलते रहे, इससे शक गहराया। फिर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में लता के सिर पर वार के निशान मिलने से मामला पूरी तरह पलट गया। वहीं, घटनास्थल पर डंपर टक्कर का कोई सबूत भी नहीं मिला।
पूछताछ में टूटा आरोपी, कबूला जुर्म
जब पुलिस ने सख्ती दिखाई, तो दान सिंह टूट गया और उसने पूरा सच उगल दिया। जांच में सामने आया कि उसका दूसरी महिला से अफेयर था और वह पत्नी से छुटकारा पाने के साथ-साथ इंश्योरेंस और मुआवजे की रकम हासिल करना चाहता था। इसी मकसद से उसने यह खौफनाक प्लान तैयार किया।
बेहोश करके जलाया, ताकि लगे हादसा
दान सिंह ने कबूल किया कि उसने पहले लता और अपने बेटे को नशे की गोली देकर बेहोश किया। इसके बाद कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी, ताकि पूरा मामला हादसा लगे। इस साजिश में उसका भाई और तीन अन्य लोग भी शामिल थे कुल मिलाकर पांच लोगों ने मिलकर इस खौफनाक अपराध को अंजाम दिया।
जिंदा थी पत्नी… रास्ते में हथौड़े से खत्म की सांसें
बेटा कार में ही जलकर मर गया लेकिन लता गंभीर रूप से झुलसने के बावजूद जिंदा थी। आरोप है कि दान सिंह ने दूसरी कार मंगवाई और अस्पताल ले जाते समय उसके सिर पर हथौड़े से कई वार कर उसकी हत्या कर दी।
गिरफ्तारी और फरार आरोपी
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पति दान सिंह समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि देवर और एक अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी तलाश जारी है। रामपुर के एसपी सोमेंद्र मीणा के मुताबिक, आरोपी का अफेयर और इंश्योरेंस का लालच इस पूरी वारदात की सबसे बड़ी वजह बना।




