The Red Ink: नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा अब सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रही, बल्कि सोशल मीडिया पर भी इसका असर दिखने लगा है। इसी कड़ी में भड़काऊ और भ्रामक कंटेंट साझा करने के आरोप में पुलिस ने सख्त कदम उठाते हुए RJD से जुड़े नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
फर्जी वीडियो शेयर करने पर FIR
नोएडा हिंसा के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ पोस्ट करने के आरोप में RJD प्रवक्ता Priyanka Bharti और कंचना यादव के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि इन दोनों ने एक पुराने वीडियो को नोएडा का बताकर सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिससे माहौल भड़काने की कोशिश हुई।
पुराना वीडियो, नया दावा- यहीं से बढ़ा विवाद
जिस वीडियो को शेयर किया गया, उसमें पुलिस द्वारा एक प्रदर्शनकारी को पीटते हुए दिखाया गया था। हालांकि जांच में सामने आया कि यह वीडियो नोएडा का नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के शहडोल जिले की एक पुरानी घटना का है। यानी एक पुराने क्लिप को नए घटनाक्रम से जोड़कर प्रसारित किया गया, जिसने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया।
पुलिस का फैक्टचेक: दावा पूरी तरह झूठा
उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस वीडियो का पहले ही फैक्टचेक कर दिया था। पुलिस ने साफ कहा कि यह वीडियो गौतमबुद्ध नगर का नहीं है और इसे गलत तरीके से नोएडा हिंसा से जोड़कर फैलाया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, इस तरह की भ्रामक जानकारी सोशल मीडिया के जरिए फैलाना पूरी तरह गलत है और इससे कानून-व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।
अन्य सोशल मीडिया यूजर्स पर भी कार्रवाई
पुलिस ने सिर्फ RJD नेताओं तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि ऐसे कई अन्य सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ भी FIR दर्ज की है, जिन्होंने भड़काऊ या भ्रामक पोस्ट शेयर किए। प्रशासन का कहना है कि अफवाह फैलाने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
नोएडा हिंसा के बीच सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों ने हालात को और जटिल बना दिया है। ऐसे में पुलिस की कार्रवाई यह साफ संकेत देती है कि अब फर्जी जानकारी फैलाने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।




