The Red Ink: खुली जिप्सी में किया निरीक्षण; नेहा यादव बनीं बेस्ट कैडेट, प्रदेशभर के 112 केंद्रों से ट्रेनिंग पूरी कर निकले जवान…
परेड में दिखा अनुशासन, सीएम ने किया निरीक्षण
Yogi Adityanath ने लखनऊ में आयोजित पासिंग आउट परेड में शामिल होकर नए सिपाहियों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने खुली जिप्सी में परेड का निरीक्षण किया और महिला जवानों की सलामी ली। इस मौके पर कॉन्स्टेबल नेहा यादव को बेस्ट कैडेट का सम्मान दिया गया।
प्रदेश को मिले 60,244 नए सिपाही
इस भर्ती के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस को कुल 60,244 नए सिपाही मिले हैं। ये सभी प्रदेश के 112 प्रशिक्षण केंद्रों से ट्रेनिंग पूरी कर अब विभिन्न जिलों में तैनात किए जाएंगे। एक साथ पूरे राज्य में दीक्षांत परेड का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में नए पुलिसकर्मी शामिल हुए।
‘यूनिफॉर्म की ताकत अनुशासन’—सीएम का संदेश
सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी यूनिफॉर्म की असली ताकत उसका अनुशासन होता है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान जितना पसीना बहाया जाता है, भविष्य में उतनी ही चुनौतियों का सामना आसान हो जाता है। उन्होंने महिला सिपाहियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि बेटियों ने अनुशासन और समर्पण का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है।
आधुनिक हथियारों और तकनीक से लैस हो रही पुलिस
सीएम ने बताया कि अब सिपाहियों को पारंपरिक थ्री-नॉट-थ्री राइफल के बजाय इंसास राइफल से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश के 75 जिलों में साइबर थाने स्थापित किए गए हैं और पुलिसकर्मियों को आधुनिक अपराधों से निपटने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। लखनऊ में फॉरेंसिक साइंस संस्थान की स्थापना भी इसी दिशा में एक अहम कदम बताया गया।
‘अपराधियों के लिए सख्ती, जनता के लिए संवेदनशीलता जरूरी’
सीएम ने नए सिपाहियों को संदेश देते हुए कहा कि फील्ड में जाते समय अपराधियों के प्रति सख्त रवैया रखें, लेकिन आम नागरिकों के प्रति संवेदनशील बने रहें। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए जवान यूपी पुलिस की परंपरा को और मजबूत करेंगे।
भर्ती प्रक्रिया: पेपर लीक से दोबारा परीक्षा तक का सफर
सिपाही भर्ती की प्रक्रिया अक्टूबर 2023 में शुरू हुई थी। फरवरी में आयोजित पहली परीक्षा पेपर लीक के कारण रद्द करनी पड़ी थी। इसके बाद अगस्त 2025 में दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। करीब 48 लाख अभ्यर्थियों ने इसमें हिस्सा लिया, जिसमें से 1.74 लाख उम्मीदवारों को फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया गया। अंतिम चयन में 12,048 महिलाएं और 48,196 पुरुष सफल हुए। जून 2025 में नियुक्ति पत्र वितरित किए गए और जुलाई से प्रशिक्षण शुरू हुआ।
महिला भागीदारी में बड़ा इजाफा
सीएम के मुताबिक, उत्तर प्रदेश पुलिस में महिलाओं की भागीदारी पहले 13 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 36 प्रतिशत तक पहुंच गई है। भर्ती प्रक्रिया में 20 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए अनिवार्य किए गए हैं। इसके अलावा महिला सुरक्षा के लिए ‘मिशन शक्ति’ और सेफ सिटी परियोजनाएं भी लागू की गई हैं।
पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रेनिंग में सुधार का दावा
सीएम ने कहा कि 2017 के पहले पुलिस बल कई चुनौतियों से जूझ रहा था, लेकिन अब इसे आधुनिक और सशक्त बनाया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक 2.18 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती और 1 लाख से ज्यादा को प्रमोशन दिया जा चुका है। साथ ही, 55 से अधिक केंद्रों पर आधुनिक बैरक और आवासीय सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे पुलिस बल की कार्यक्षमता में सुधार हुआ है।




