मणिपुर में फिर भड़की हिंसा: घर पर रॉकेट हमला, 2 मासूमों की मौत; विरोध प्रदर्शन में CRPF फायरिंग से 2 और जानें गईं

The Red Ink: मणिपुर एक बार फिर हिंसा की आग में झुलस उठा है। मंगलवार तड़के बिश्नुपुर जिले में एक घर पर रॉकेट जैसे प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिसमें सो रहे चार साल के एक बच्चे और उसकी नवजात बहन की मौत हो गई। इस घटना के बाद भड़के विरोध प्रदर्शनों के दौरान CRPF की फायरिंग में दो नागरिकों की भी जान चली गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने इम्फाल ईस्ट, इम्फाल वेस्ट, थौबल, काकचिंग और बिश्नुपुर जिलों में तीन दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं।

आधी रात का हमला, घर के अंदर मचा कहर
हमला मंगलवार सुबह करीब 1 बजे बिश्नुपुर के ट्रोंगलाओबी आवांग लैकाई गांव में हुआ, जो मैतेई बहुल घाटी और कुकी-जोमी बहुल पहाड़ी इलाकों की संवेदनशील सीमा पर स्थित है। रॉकेट जैसे प्रोजेक्टाइल के घर से टकराने के बाद जोरदार विस्फोट हुआ, जिसमें दोनों मासूमों की मौके पर ही मौत हो गई। बच्चों की मां, ओइनाम बिनिता, इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

दादी की आंखों देखी: “कमरा धुएं से भरा था…”
मृत बच्चों की दादी ओइनाम बाला ने घटना का दर्दनाक मंजर बयान करते हुए बताया, “मेरी बहू मदद के लिए चिल्लाई जब मैं अंदर गई तो कमरा धुएं से भरा हुआ था। मेरे दोनों पोता-पोती खून से लथपथ पड़े थे, मैं घबरा गई और सिर्फ मदद के लिए चिल्ला पाई।”

NIA करेगा मामले की जांच
घायल बिनिता पेशे से नर्स हैं और गुवाहाटी में कार्यरत हैं। वह जनवरी में मैटरनिटी अवकाश पर मणिपुर लौटी थीं। उनके पति ओइनाम मंगालसना सीमा सुरक्षा बल (BSF) में तैनात हैं और फिलहाल बिहार में पोस्टेड हैं। इस हमले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है।

पास में मिला जिंदा RPG शेल, दहशत बढ़ी
घटना के कुछ घंटों बाद हमले वाली जगह से कुछ दूरी पर एक जिंदा रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) शेल भी बरामद हुआ। यह एक डिवाइस से जुड़ा हुआ था और एक घर की ओर निशाना साधे हुए था। इसके बाद इलाके में दहशत और बढ़ गई, जिससे कई लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए।

सड़कों पर उतरा गुस्सा, आगजनी और बवाल
मासूमों की मौत की खबर फैलते ही बिश्नुपुर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। लोगों ने सड़कों पर उतरकर टायर जलाए और रास्तों को जाम कर दिया। भीड़ ने तीन ट्रकों, जिनमें दो ऑयल टैंकर शामिल थे, को आग के हवाले कर दिया। इसके साथ ही मोइरांग पुलिस स्टेशन के बाहर भी प्रदर्शनकारियों ने जलती लकड़ियां लगाकर घेराव किया। वहीं इम्फाल में भी प्रदर्शन तेज हो गया, जहां सड़कों को जाम किया गया और बाजार पूरी तरह बंद रहे।

पहले से संवेदनशील रहा है इलाका
बिश्नुपुर के चुराचांदपुर सीमा के पास स्थित ट्रोंगलाओबी गांव पहले भी कई बार हिंसा का गवाह बन चुका है। 3 मई 2023 को शुरू हुए जातीय तनाव के बाद से यह इलाका लगातार संवेदनशील बना हुआ है।

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