The Red Ink
बिहार में नई सरकार के शपथग्रहण के साथ ही सियासत का फोकस अब एक बेहद संवेदनशील मुद्दे पर आ गया है- शराबबंदी। Samrat Choudhary के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही राज्य में इस कानून को लेकर बहस तेज हो गई है और अब सरकार के भीतर से ही इसे हटाने की आवाजें उठने लगी हैं।
नई सरकार, पुराना सवाल- क्या हटेगा शराबबंदी कानून?
जैसे ही ‘सम्राट सरकार’ की शुरुआत हुई, वैसे ही यह सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में आ गया कि क्या अब बिहार में शराब पर लगा बैन खत्म किया जाएगा। इस बहस को और हवा दी है मोकामा के बाहुबली विधायक Anant Singh ने।
अनंत सिंह का खुला ऐलान- CM से करेंगे बात
Anant Singh ने साफ कहा है कि वह शराबबंदी खत्म कराने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री Samrat Choudhary से मुलाकात करेंगे। उनका कहना है कि राज्य में मौजूदा हालात को देखते हुए इस कानून पर पुनर्विचार जरूरी हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि “शराब चालू होना चाहिए” और जो अभी “सूखा नशा” चल रहा है, वह पहले से ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है।
जेडीयू का रुख साफ- कानून से छेड़छाड़ नहीं
हालांकि, इस पूरे विवाद के बीच जेडीयू के शीर्ष नेतृत्व ने साफ संकेत दे दिया है कि फिलहाल शराबबंदी कानून को छेड़ने का कोई इरादा नहीं है। यानी सरकार के भीतर ही इस मुद्दे पर अलग-अलग राय सामने आ रही है।
निशांत कुमार पर भी दिया बयान
शराबबंदी के साथ-साथ Anant Singh ने Nishant Kumar को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें नई सरकार में शामिल होना चाहिए। जब उनसे पूछा गया कि निशांत तैयार नहीं हैं, तो उन्होंने कहा—“वो बच्चे हैं, उन्हें समझाया जाएगा और वो सरकार में जरूर आएंगे।”
नीतीश पर भरोसा कायम
Nitish Kumar के मुख्यमंत्री पद से हटने के सवाल पर अनंत सिंह ने कहा कि उनका आशीर्वाद आगे भी मिलता रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि वे खुद अगला चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन “नीतीश ही मालिक रहेंगे” और सब कुछ उन्हीं के अनुसार चलेगा।
बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही शराबबंदी जैसे बड़े मुद्दे पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। एक तरफ सरकार के भीतर से इसे हटाने की मांग उठ रही है, तो दूसरी तरफ सहयोगी दल इससे दूरी बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य की राजनीति का केंद्र बन सकता है।




