The Red Ink
आम आदमी पार्टी के भीतर खींचतान अब खुलकर सामने आती दिख रही है। राज्यसभा सांसद Raghav Chadha को लेकर पार्टी के ही वरिष्ठ नेता Saurabh Bharadwaj ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है।
‘पार्टी की पीठ में छुरा घोंपा’- सौरभ का सीधा आरोप
सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि राघव चड्ढा ने अपनी ही पार्टी को कमजोर करने का काम किया है। उन्होंने लिखा कि बीजेपी सरकार के दबाव में आकर, चाहे डर हो या लालच, राघव ने उसी पार्टी के खिलाफ कदम उठाया जिसने उन्हें राज्यसभा तक पहुंचाया। उन्होंने अपने पोस्ट में इसे “पीठ में छुरा घोंपने” जैसा कदम बताया।

ED छापे और अशोक मित्तल का जिक्र क्यों?
सौरभ भारद्वाज ने पूरे घटनाक्रम को जोड़ते हुए कहा कि जब सोशल मीडिया पर राघव चड्ढा की आलोचना शुरू हुई, तब बीजेपी नेता उनके बचाव में सामने आ गए। इसी बीच आम आदमी पार्टी ने राघव को राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटाकर Ashok Mittal को यह जिम्मेदारी दे दी। इसके बाद ED द्वारा अशोक मित्तल के घर और कारोबार पर छापेमारी की गई, जिसे सौरभ ने संदेह के घेरे में रखा।
Z+ सुरक्षा को लेकर भी उठे सवाल
सौरभ भारद्वाज ने यह भी दावा किया कि केंद्र सरकार ने राघव चड्ढा को Z+ सुरक्षा दी है। उन्होंने कहा कि पूरा घटनाक्रम आपस में जुड़ा हुआ नजर आता है और ऐसा लगता है कि बीजेपी सरकार राघव चड्ढा के पक्ष में सक्रिय है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी कि राघव चड्ढा को केंद्र से Z+ सुरक्षा मिली है।
पार्टी और राघव के बीच बढ़ती दूरी
इस विवाद के बीच आम आदमी पार्टी और राघव चड्ढा के संबंधों में दरार साफ नजर आने लगी है। पहले उन्हें राज्यसभा में उपनेता पद से हटाया गया और इसके बाद पंजाब सरकार ने उनकी सुरक्षा भी वापस ले ली।
इन घटनाओं ने सियासी गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं और पार्टी के भीतर चल रहे मतभेद अब खुलकर सामने आ रहे हैं।
राघव चड्ढा को लेकर उठे ये आरोप और घटनाक्रम सिर्फ एक राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर गहराते विवाद की ओर इशारा कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह टकराव किस दिशा में जाएगा, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।




