The Red Ink
वृंदावन के केसी घाट पर हुए दर्दनाक नाव हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है। हादसे के चौथे दिन भी यमुना का पानी अपनों की तलाश में जुटे परिवारों के आंसुओं से भारी है। इसी बीच प्रशासनिक हलचल भी तेज हो गई है मांट की एसडीएम ऋतु सिरोही लंबी छुट्टी पर चली गई हैं और उनकी जगह दीपिका मेहर को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि जिला प्रशासन का कहना है कि यह छुट्टी पूरी तरह निजी कारणों से ली गई है और इसका हादसे से कोई संबंध नहीं है लेकिन लगातार उठ रहे सवाल इस दावे पर दबाव बना रहे हैं।
सुबह मिलीं दो और लाशें, बढ़ता जा रहा दर्द
सोमवार सुबह करीब 8 बजे यमुना नदी से दो और शव बरामद किए गए। एक शव हादसे वाली जगह से करीब 12 किलोमीटर दूर बंगाली घाट से मिला, दूसरा देवरहा बाबा आश्रम के पास बरामद हुआ। प्रशासन के अनुसार, पानी में कई दिन रहने के बाद शव फूलकर ऊपर आ गए थे। परिजनों ने दोनों की पहचान कर ली है। इसके साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है, जबकि एक श्रद्धालु अब भी लापता है।
ढोलक बजाते हुए दिखा था… अब लौटे खामोश
बरामद हुए युवक की पहचान लुधियाना के 22 वर्षीय यश भल्ला के रूप में हुई है। वही यश, जो हादसे से पहले नाव में ढोलक बजाते हुए वीडियो में दिख रहे थे। पहली बार वृंदावन आए यश अपने परिवार से वादा कर गए थे- “अगली बार आपको भी लेकर आऊंगा…” लेकिन यह यात्रा उनकी आखिरी बन गई। उनकी मां सुनीता के शब्द आज हर किसी को झकझोर रहे हैं “हमें क्या पता था कि मेरा बेटा खुद ही नहीं लौटेगा…”
6 महीने की शादी… और अधूरी रह गई जिंदगी
दूसरी लाश लुधियाना की मोनिका टंडन की है, जो अपनी सास के साथ दर्शन के लिए वृंदावन आई थीं। शादी को महज 6 महीने हुए थे पति विदेश में था, और मोनिका जल्द ही उसके पास जाने वाली थीं हादसे के दिन वह अपनी पड़ोसी डिंकी के साथ नाव में बैठी थीं, जिसकी लाश एक दिन पहले ही मिल चुकी थी। एक साथ शुरू हुआ सफर और एक साथ खत्म हो गई जिंदगी।
अब भी जारी सर्च ऑपरेशन
हादसे के बाद सेना, NDRF और SDRF समेत करीब 200 लोगों की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। करीब 20 किलोमीटर के दायरे में तलाश जारी है। हिमाचल प्रदेश के पंकज मल्होत्रा अब भी लापता हैं- दो छोटे बच्चों के पिता, परिवार के इकलौते कमाने वाले, उनकी तलाश में हर बीतता पल परिवार के लिए भारी होता जा रहा है।
कैसे पलटी नाव? चश्मदीद ने बताई पूरी कहानी
हादसे में बचे एक युवक के मुताबिक नाव तट से करीब 50 फीट दूर थी, तेज हवा (करीब 40 किमी/घंटा) चल रही थी नाव डगमगाने लगी और नाविक नियंत्रण खो बैठा लोगों ने चेताया कि सामने पुल है, नाव रोक दीजिए लेकिन चेतावनी अनसुनी रही। दो बार टक्कर टली, तीसरी बार नाव पैंटून पुल से टकराई और फिर सब कुछ खत्म हो गया।
प्रशासनिक एक्शन और नए नियम
हादसे के बाद प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है बिना लाइफ जैकेट नाव संचालन पर रोक, हर 6 महीने में नाव की फिटनेस जांच अनिवार्य कर दी गई है। क्षमता से ज्यादा सवारी पर सख्त प्रतिबंध, CCTV और 24×7 निगरानी, नाविकों का रजिस्ट्रेशन जरूरी करने जैसे नियम कड़ाई से लागू किए जाने की बात कही गई है। इस बीच आरोपी नाविक पप्पू निषाद और पांटून पुल के ठेकेदार नारायण शर्मा को जेल भेज दिया गया है।
SDM छुट्टी पर, सवाल बरकरार
हादसे के बाद उठे सवालों के बीच मांट की SDM ऋतु सिरोही छुट्टी पर चली गई हैं। जिलाधिकारी के मुताबिक उन्होंने 7 अप्रैल को ही पारिवारिक कारणों से अवकाश की अर्जी दी थी। मां की तबीयत खराब और छोटी बच्ची होने के चलते छुट्टी ली,
प्रशासन भले ही इसे निजी कारण बता रहा हो लेकिन हादसे के बाद उठे सवालों के बीच यह फैसला चर्चा का विषय बन गया है।
गवाह बना CCTV और दर्दनाक यादें
अब तक सामने आए CCTV और चश्मदीदों के बयान इस हादसे की भयावहता को बयान कर रहे हैं। तीन दिनों में पांच शव बरामद हो चुके हैं, और हर नई बरामदगी के साथ एक परिवार की उम्मीद टूटती जा रही है।




