The Red Ink
मैदान पर बल्ला गरज रहा था, रिकॉर्ड टूट रहे थे और स्टेडियम में वैभव सूर्यवंशी के नाम के नारे गूंज रहे थे। लेकिन मैच खत्म होने के बाद वही वैभव डगआउट में सिर झुकाए बैठे थे। ऑरेंज कैप से चेहरा ढका हुआ था और आंखों से आंसू रुक नहीं रहे थे। आईपीएल 2026 के क्वालिफायर-2 में राजस्थान रॉयल्स का सफर खत्म हो गया। गुजरात टाइटंस ने 215 रन का विशाल लक्ष्य हासिल कर फाइनल का टिकट कटाया, लेकिन इस हार के बीच सबसे ज्यादा चर्चा वैभव सूर्यवंशी की रही, जिन्होंने एक और विस्फोटक पारी खेलकर रिकॉर्ड बुक में कई नए अध्याय जोड़ दिए।
राजस्थान हारी, लेकिन वैभव ने जीत लिया दिल
राजस्थान रॉयल्स के लिए वैभव सूर्यवंशी ने 96 रनों की शानदार पारी खेली। एक समय ऐसा लग रहा था कि वह शतक पूरा कर लेंगे, लेकिन चार रन से चूक गए। मैच खत्म होते ही कैमरे उनकी ओर घूमे। डगआउट में बैठे वैभव भावुक हो चुके थे। पूरी टीम उन्हें संभालने की कोशिश कर रही थी, लेकिन टूर्नामेंट से बाहर होने का दर्द उनके चेहरे पर साफ दिखाई दे रहा था।
सबसे कम गेंदों में 1000 IPL रन बनाने वाले बल्लेबाज बने
इस मुकाबले में वैभव ने एक और ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने सिर्फ 440 गेंदों में आईपीएल के 1000 रन पूरे कर लिए। इससे पहले यह रिकॉर्ड आंद्रे रसेल के नाम था, जिन्होंने 545 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की थी। यानी आईपीएल इतिहास में सबसे तेज़ 1000 रन बनाने वाले बल्लेबाज अब वैभव सूर्यवंशी बन चुके हैं।
भारतीय खिलाड़ियों में सबसे तेज़ 1000 रन
वैभव ने केवल 23 पारियों में 1000 रन पूरे किए। इस उपलब्धि के साथ वह आईपीएल में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए। उन्होंने साई सुदर्शन का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने 25 पारियों में यह आंकड़ा छुआ था। ओवरऑल आईपीएल इतिहास में केवल शॉन मार्श और लेंडल सिमंस उनसे आगे हैं।
पावरप्ले के बादशाह बने सूर्यवंशी
इस सीजन वैभव ने गेंदबाजों पर शुरुआत से ही हमला बोला। गुजरात के खिलाफ उन्होंने पावरप्ले में 31 रन जोड़े और इसी के साथ आईपीएल इतिहास के पहले ऐसे बल्लेबाज बन गए जिन्होंने किसी एक सीजन में पावरप्ले के दौरान 500 से ज्यादा रन बनाए। उन्होंने शुरुआती छह ओवरों में 233 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से 521 रन ठोके। इससे पहले यह रिकॉर्ड डेविड वॉर्नर के नाम था।
प्लेऑफ में छक्कों की बरसात
वैभव सूर्यवंशी का बल्ला इस पूरे प्लेऑफ में आग उगलता रहा। क्वालिफायर-2 में उन्होंने सात छक्के लगाए। इसके साथ ही आईपीएल के एक सीजन के प्लेऑफ मुकाबलों में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। उनके नाम अब प्लेऑफ में 19 छक्के दर्ज हैं, जो अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है।
बार-बार 90 के पार जाकर चूके
96 रन पर आउट होने के साथ वैभव इस सीजन तीसरी बार 90 से 99 के बीच आउट हुए। आईपीएल इतिहास में अब वह उन खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं जो सबसे ज्यादा बार ‘नर्वस नाइंटीज’ का शिकार हुए हैं। इस सूची में डेविड वॉर्नर, केएल राहुल, ग्लेन मैक्सवेल और ऋतुराज गायकवाड़ जैसे बड़े नाम पहले से मौजूद हैं।
गुजरात ने किया आईपीएल प्लेऑफ का सबसे बड़ा रनचेज
जहां वैभव ने रिकॉर्ड बनाए, वहीं गुजरात टाइटंस ने भी इतिहास रच दिया। 215 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए गुजरात ने आईपीएल प्लेऑफ इतिहास का सबसे बड़ा सफल रनचेज पूरा किया। इससे पहले प्लेऑफ में सबसे बड़ा रनचेज 204 रन का था। गुजरात ने अपने फ्रेंचाइजी इतिहास का भी सबसे बड़ा सफल लक्ष्य हासिल किया।
गिल और सुदर्शन ने तोड़ डाले रिकॉर्ड
राजस्थान के विशाल स्कोर के जवाब में गुजरात के कप्तान शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने मैच को पूरी तरह अपने कब्जे में ले लिया। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 167 रनों की साझेदारी की, जो आईपीएल प्लेऑफ इतिहास की सबसे बड़ी साझेदारी बन गई। इतना ही नहीं, दोनों की यह टी-20 क्रिकेट में 11वीं शतकीय साझेदारी थी, जो किसी भी विकेट के लिए पुरुष टी-20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा है।
कप्तान गिल का शतक, सुदर्शन का लगातार जलवा
शुभमन गिल ने शानदार 104 रन बनाकर आईपीएल करियर का पांचवां शतक लगाया। वहीं साई सुदर्शन ने 58 रन बनाए और इस सीजन नौवीं बार 50 से ज्यादा का स्कोर पार किया। हालांकि सुदर्शन लगातार दूसरे मैच में हिट-विकेट आउट होकर चर्चा में भी रहे।
मैच के वो पल जिन्होंने सबका ध्यान खींचा
टॉस दो बार कराया गया क्योंकि पहली कॉल मैच रेफरी सुन नहीं पाए।
वैभव का 46 रन पर कैच छूटा और उन्होंने इसका पूरा फायदा उठाया।
रबाडा की तेज बाउंसर उनके हेलमेट पर लगी, लेकिन उन्होंने खेल जारी रखा।
एक टेनिस शॉट जैसे छक्के ने दर्शकों को हैरान कर दिया।
आखिरी ओवर में डोनोवन फरेरा ने राशिद खान पर लगातार तीन छक्के जड़े।
सुदर्शन लगातार दूसरे मैच में हिट-विकेट आउट हुए।
हार के बाद वैभव की आंखों में आंसू पूरे सीजन की कहानी बयां कर गए।
फाइनल का टिकट गुजरात के नाम, लेकिन चर्चा वैभव की
स्कोरबोर्ड बताएगा कि गुजरात टाइटंस फाइनल में पहुंच गई और राजस्थान बाहर हो गई। लेकिन इस मुकाबले की सबसे भावुक तस्वीर शायद वही रही, जब रिकॉर्डों का पहाड़ खड़ा करने वाला एक युवा बल्लेबाज हार के बाद डगआउट में बैठकर रो रहा था। वैभव सूर्यवंशी के लिए यह अंत नहीं, बल्कि शायद एक बड़े सफर की शुरुआत है। जिस खिलाड़ी ने 23 पारियों में 1000 रन पूरे कर लिए हों, उसके लिए भविष्य अभी और भी बड़ा दिखाई देता है।




