The Red Ink
उत्तर प्रदेश में नौतपा के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पिछले दो दिनों से चली तेज आंधी, बारिश और तूफान ने भीषण गर्मी से राहत तो दी है, लेकिन कई जिलों में तबाही भी मचा दी। राज्य के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। आंधी-तूफान और बिजली गिरने से अब तक 31 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं चित्रकूट में करीब 500 तोतों की मौत ने पर्यावरण प्रेमियों को भी झकझोर दिया है।
तापमान में 10 डिग्री तक गिरावट, गर्मी से बड़ी राहत
कुछ दिन पहले तक प्रदेश भीषण लू और रिकॉर्ड तापमान से जूझ रहा था। 28 मई को बांदा में तापमान 47.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, लेकिन लगातार बारिश और ठंडी हवाओं के चलते अब यह घटकर करीब 37 डिग्री तक पहुंच गया है। कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से 8 से 10 डिग्री सेल्सियस नीचे रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि 2 जून तक प्रदेश में राहत का यह दौर जारी रह सकता है।
आंधी-तूफान ने ली 31 लोगों की जान
तेज हवाओं, बिजली गिरने और मौसम से जुड़े हादसों ने प्रदेशभर में 31 लोगों की जान ले ली। सबसे ज्यादा नुकसान बुंदेलखंड क्षेत्र में हुआ, जहां 15 लोगों की मौत दर्ज की गई। हमीरपुर, बांदा, महोबा, जालौन और उरई जैसे जिलों में जानलेवा घटनाएं सामने आईं। इसके अलावा कौशांबी, सहारनपुर, देवरिया, प्रतापगढ़, अंबेडकरनगर, बलिया, महाराजगंज, मथुरा, उन्नाव, फतेहपुर और रामपुर में भी मौतों की खबरें आई हैं।
चित्रकूट में 500 तोतों की मौत, वन्यजीवों पर भी असर
तेज गर्मी के बाद अचानक बदले मौसम और तेज आंधी-तूफान का असर सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं रहा। चित्रकूट में करीब 500 तोतों की मौत की खबर सामने आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में अचानक हुए बदलाव और तेज हवाओं का असर पक्षियों पर भी पड़ा है।
क्यों बदला मौसम? जानिए वैज्ञानिक वजह
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी भरी हवाओं के साथ सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने पूरे उत्तर प्रदेश का मौसम बदल दिया है। पूर्वी यूपी से लेकर छत्तीसगढ़ तक सक्रिय ट्रफ लाइन, दक्षिण बिहार के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण और जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में सक्रिय मौसमी सिस्टम ने मिलकर आंधी-बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा की हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्रों में तेज तूफान का खतरा अधिक है, जहां हवा की रफ्तार 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
किन जिलों में भारी बारिश का खतरा?
मौसम विभाग ने बिजनौर, अमरोहा, संभल, मुरादाबाद, रामपुर, बदायूं, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और लखीमपुर-खीरी समेत आसपास के इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा पूरे प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है।
कई शहरों में जनजीवन प्रभावित
उन्नाव
तेज हवाओं के कारण बिजली के तार टूटने से करीब 300 गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। हालांकि बारिश से किसानों को राहत मिली है।
आगरा
103 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी ने पेड़ों और होर्डिंग्स को नुकसान पहुंचाया। कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बनी रही।
ललितपुर
पेड़ गिरने और बिजली के खंभे टूटने से कई इलाकों में बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई। मेडिकल कॉलेज की बिजली गुल होने से स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ा।
गोरखपुर
सुबह से बादल छाए रहे और ठंडी हवाएं चलती रहीं। तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
वाराणसी
अगले 48 घंटों तक बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
रेलवे सेवाओं पर भी पड़ा असर
कानपुर-मुंबई रेलमार्ग पर ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन (OHE) क्षतिग्रस्त होने के कारण करीब 10 घंटे तक रेल संचालन प्रभावित रहा। गोरखपुर क्षेत्र में भी रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने से कई ट्रेनें फंस गईं।
अगले 5 दिनों का मौसम
31 मई: पश्चिमी यूपी में भारी बारिश, कई जिलों में तेज आंधी।
1 जून: पश्चिमी और पूर्वी यूपी के कई हिस्सों में बारिश की संभावना।
2 जून: पूरे प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के आसार।
3 जून: मौसम साफ होने लगेगा, तापमान में बढ़ोतरी शुरू होगी।
4 जून: गर्म हवाओं की वापसी, कई जिलों में फिर गर्मी बढ़ सकती है।
मानसून को लेकर क्या संकेत?
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस वर्ष मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है। अल नीनो जैसी परिस्थितियां और वैश्विक मौसमी बदलाव मानसून को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि फिलहाल आंधी और बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।




