IMD Lucknow: उत्तर प्रदेश में मार्च के आख़िरी दिनों में मौसम अचानक बदलने जा रहा है। India Meteorological Department (IMD) के लखनऊ केंद्र द्वारा जारी विशिष्ट मौसम बुलेटिन के अनुसार, 29 मार्च से 1 अप्रैल के बीच राज्य के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर शुरू होगा।
विशिष्ट मौसम बुलेटिन-प्रदेश में 29 मार्च से 01 अप्रैल के दौरान वर्षा की सम्भावना-
मौसम विभाग ने इस बदलाव के पीछे उत्तरी ईरान और कैस्पियन सागर के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ को जिम्मेदार बताया है, जिसका असर उत्तर भारत के बड़े हिस्से में देखने को मिलेगा। विशिष्ट मौसम बुलेटिन-प्रदेश में 29 मार्च से 01 अप्रैल के दौरान वर्षा की सम्भावना।
बारिश का दायरा धीरे-धीरे बढ़ेगा-
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 मार्च तक प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा, लेकिन 29 मार्च की देर शाम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की बारिश और गरज-चमक की शुरुआत होगी।
30 मार्च को यह गतिविधि तेज होगी और कई स्थानों पर बारिश के साथ तेज हवाएं चलेंगी। 31 मार्च तक यह असर पूर्वी उत्तर प्रदेश तक फैल जाएगा, जहां छिटपुट बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। 1 अप्रैल को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम साफ होने के संकेत हैं, जबकि पूर्वी हिस्सों में कहीं-कहीं हल्की बारिश जारी रह सकती है।

येलो वार्निंग: तेज हवाओं के साथ वज्रपात का खतरा-
IMD ने 29 से 31 मार्च के बीच के लिए येलो वार्निंग जारी की है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 50 किमी/घंटा तक रह सकती है। झोंकों में यह 60 किमी/घंटा तक पहुंचने की संभावना है। कई जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात की घटनाएं हो सकती हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों—सहारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर—में यह असर पहले दिखेगा, जबकि 30 और 31 मार्च को लखनऊ, कानपुर, बरेली और आसपास के क्षेत्रों में भी तेज गतिविधि की संभावना है।
तापमान में उतार-चढ़ाव, गर्मी पर ब्रेक-
मौसम विभाग के अनुसार, 29 मार्च तक अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद 31 मार्च तक इतनी ही गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे अस्थायी रूप से गर्मी से राहत मिल सकती है।
हालांकि, अप्रैल की शुरुआत में तापमान फिर से बढ़ने के संकेत हैं।

जनजीवन पर असर की आशंका-
IMD ने चेताया है कि खराब मौसम के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है। तेज हवाओं और बारिश से यातायात बाधित हो सकता है बिजली आपूर्ति में रुकावट आ सकती है। कच्चे मकानों और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है
वज्रपात के दौरान खुले में रहने वाले लोगों और पशुओं के लिए जोखिम बढ़ सकता है।
किसानों के लिए सलाह: तुरंत करें फसल प्रबंधन-
मौसम विभाग ने किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। गेहूं, सरसों, चना जैसी फसलें तेज हवाओं और बारिश से प्रभावित हो सकती हैं। फसल गिरने और दाने झड़ने का खतरा, पकी हुई फसलों की जल्द कटाई और सुरक्षित भंडारण की सलाह इसके अलावा, खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखने को भी कहा गया है।
सावधानी ही बचाव-
IMD ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान घरों में रहें, पेड़ों और खुले मैदानों से दूर रहें और बिजली के उपकरणों को सुरक्षित रखें।




