The Red Ink
राजधानी Lucknow में मौसम ने अचानक ऐसा करवट लिया कि कुछ ही मिनटों में आसमान का रंग बदल गया और तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते ओलावृष्टि ने हालात और बिगाड़ दिए, जिससे शहर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया लेकिन इस बदलते मौसम का सबसे बड़ा असर उन किसानों पर पड़ा है, जिनकी फसल इस वक्त खेतों में तैयार खड़ी है। ओलों की मार ने उनकी उम्मीदों को झकझोर दिया है। जिन खेतों में कुछ दिन बाद कटाई होनी थी, अब वहीं नुकसान की आशंका गहराने लगी है।
मेहनत पर पानी, सपनों पर चोट
कई महीनों, दिन-रात की मेहनत और मौसम के भरोसे खड़ी फसल, अब उसी पर मौसम का सबसे बड़ा वार हुआ है। ओलावृष्टि के कारण गेहूं, सरसों और सब्जियों की फसल को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीण इलाकों से आ रही शुरुआती तस्वीरें बता रही हैं कि कई जगहों पर फसल झुक गई है, कहीं बालियां टूट गई हैं तो कहीं खेतों में पानी भर गया है। किसानों के चेहरों पर चिंता साफ देखी जा सकती है।
आंधी के बाद खामोशी, लेकिन दिलों में डर
तेज हवाओं के साथ आई इस बारिश ने कुछ देर में ही सबकुछ बदल दिया। जहां शहर में लोग इसे मौसम का अचानक बदला मिजाज मान रहे हैं, वहीं गांवों में यह किसी मुसीबत से कम नहीं। बारिश थमने के बाद खेतों में पसरी खामोशी उस डर को साफ दिखा रही है कि कहीं पूरी फसल बर्बाद न हो जाए।
अब निगाहें राहत पर
बारिश और ओलावृष्टि के कारण फसलों के भारी नुक्सान की सम्भावना जताई जा रही है अगर नुकसान ज्यादा हुआ, तो यह सिर्फ फसल का नहीं, बल्कि पूरे सीजन की मेहनत और परिवार की उम्मीदों का नुकसान होगा। मौसम की इस मार ने एक बार फिर याद दिलाया है कि खेतों में खड़ी हर फसल सिर्फ अनाज नहीं होती वह किसी किसान के सपनों और संघर्ष की कहानी होती है।




