तमिलनाडु से बंगाल तक सियासी हलचल: विजय सरकार बनाने की दौड़ में, कोलकाता में हिंसा और सुरक्षा पर सवाल

The Red Ink
देश के कई राज्यों में चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। तमिलनाडु में नई पार्टी की बड़ी जीत ने सत्ता समीकरण बदल दिए हैं, वहीं पश्चिम बंगाल में नतीजों के बाद हिंसा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। एक तरफ सरकार बनाने की जोड़तोड़ चल रही है, तो दूसरी तरफ आरोप-प्रत्यारोप और सड़कों पर तनाव नजर आ रहा है।

तमिलनाडु: सत्ता के करीब विजय, कांग्रेस ने दिया खुला समर्थन
Vijay के नेतृत्व वाली TVK ने चुनाव में शानदार प्रदर्शन कर सभी को चौंका दिया है। पार्टी प्रमुख ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करने की तैयारी कर ली है। कांग्रेस ने भी आगे बढ़कर समर्थन पत्र सौंप दिया है, जिससे यह साफ हो गया है कि राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव तय है। लंबे समय से साथ चल रहे DMK-कांग्रेस गठबंधन का टूटना इस घटनाक्रम का सबसे अहम पहलू माना जा रहा है। हालांकि, TVK अब भी अपने विकल्प खुले रखे हुए है। AIADMK के साथ संभावित गठबंधन को लेकर चर्चाएं जारी हैं, जिससे सत्ता की तस्वीर और दिलचस्प हो गई है।

बहुमत का गणित: अभी भी 11 विधायकों की जरूरत
234 सीटों वाली विधानसभा में TVK ने 108 सीटें जीती हैं। एक सीट छोड़ने की स्थिति में पार्टी के पास प्रभावी संख्या 107 रह जाएगी। ऐसे में बहुमत के लिए उसे 11 और विधायकों का समर्थन जुटाना होगा। सूत्रों के मुताबिक, सभी नव-निर्वाचित विधायकों को एक रिसॉर्ट में शिफ्ट कर दिया गया है, ताकि टूट-फूट की संभावना को रोका जा सके। यह संकेत है कि पर्दे के पीछे तेज राजनीतिक गतिविधियां जारी हैं।

बंगाल में बवाल: नतीजों के बाद हिंसा और टकराव
Mamata Banerjee के नेतृत्व वाली पार्टी को झटका लगने के बाद राज्य में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। कोलकाता समेत कई इलाकों में हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। न्यू मार्केट इलाके में भीड़ ने एक पार्टी कार्यालय को नुकसान पहुंचाया, जबकि उत्तर 24 परगना के संदेशखाली में सुरक्षाबलों पर हमला हुआ। इस दौरान कई जवान घायल भी हुए।

सुरक्षा हटने पर उठे सवाल
चुनाव परिणाम के तुरंत बाद Abhishek Banerjee और ममता बनर्जी के आवास से अतिरिक्त सुरक्षा हटाए जाने को लेकर भी राजनीतिक बहस छिड़ गई है। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि नियमित सुरक्षा व्यवस्था जारी है, लेकिन विपक्ष इसे गंभीर मुद्दा बना रहा है।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
TMC ने हिंसा के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि भाजपा का दावा है कि हार के बाद सत्ताधारी पार्टी बौखलाई हुई है। दोनों दलों के बीच जुबानी जंग तेज हो चुकी है। राज्य में पिछले 24 घंटों में चार राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्या ने माहौल को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।

देशभर में बदला सियासी नक्शा
4 मई को आए नतीजों ने कई राज्यों में सत्ता परिवर्तन की तस्वीर साफ कर दी है। असम और पुडुचेरी में NDA की वापसी, तमिलनाडु और बंगाल में सत्ता बदलाव, केरल में कांग्रेस की वापसी। तमिलनाडु में सबसे बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला, जहां दशकों पुरानी दिग्गज पार्टियों के बाहर नई ताकत उभरकर सामने आई है।

एक तरफ तमिलनाडु में नई सरकार बनने की कवायद तेज है, तो दूसरी ओर बंगाल में हिंसा और आरोपों के बीच लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आने वाले कुछ दिन तय करेंगे कि ये सियासी हलचल स्थिरता में बदलती है या और बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा करती है।

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