The Red Ink
असम की सियासत में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। हिमंत बिस्वा सरमा ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत मिलने के बावजूद यह कदम सरकार गठन की संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।
बहुमत के बाद भी इस्तीफ़ा क्यों?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, असम विधानसभा की 126 सीटों में से बीजेपी ने 82 सीटों पर जीत दर्ज कर मजबूत स्थिति बनाई है, जबकि कांग्रेस 19 सीटों तक सिमट गई। ऐसे में एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिला है। इसके बावजूद हिमंत बिस्वा सरमा का इस्तीफ़ा देना एक औपचारिक प्रक्रिया है, जिसके तहत नई सरकार के गठन से पहले मौजूदा मुख्यमंत्री पद छोड़ते हैं, ताकि विधायक दल नए नेता का चयन कर सके।
नए सीएम पर क्या बोले सरमा?
नए मुख्यमंत्री के सवाल पर हिमंत बिस्वा सरमा ने साफ किया कि अंतिम फैसला विधायक दल की बैठक में लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पार्टी नेतृत्व की ओर से पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं, जो इस प्रक्रिया को पूरा कराएंगे। उनके मुताबिक, विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद ही अगला कदम उठाया जाएगा और फिर सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा। फिलहाल उन्होंने इस पर कोई संकेत नहीं दिया कि अगला मुख्यमंत्री कौन हो सकता है।
आगे क्या होगा?
अब बीजेपी विधायक दल की बैठक अहम मानी जा रही है, जहां नेता का चुनाव होगा। इसके बाद पार्टी और सहयोगी दल राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। असम में बीजेपी की मजबूत जीत के बाद सरकार बनना तय है, लेकिन नेतृत्व को लेकर suspense अभी बना हुआ है।
हिमंत बिस्वा सरमा का इस्तीफ़ा किसी राजनीतिक संकट का संकेत नहीं, बल्कि संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है। अब असली तस्वीर विधायक दल की बैठक के बाद साफ होगी, जहां से असम के नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगेगी।




