The Red Ink
लखनऊ के गोमतीनगर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल में अब इतिहास को नए और आधुनिक अंदाज़ में देखा जा सकेगा। यहां शुरू हुए लाइट एंड साउंड शो के जरिए संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर के जीवन, संघर्ष और विचारों को प्रभावशाली विजुअल और साउंड इफेक्ट्स के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है।
बाबा साहेब के जीवन को आधुनिक तकनीक से दिखाया जाएगा
इस शो में बाबा साहेब के बचपन से लेकर उनके सामाजिक संघर्ष, शिक्षा और भारतीय संविधान के निर्माण तक के पूरे सफर को कहानी के रूप में दर्शाया गया है। प्रकाश, ध्वनि और डिजिटल विजुअल इफेक्ट्स के जरिए इसे इस तरह तैयार किया गया है कि दर्शकों को एक सिनेमाई अनुभव मिल सके। खास तौर पर नई पीढ़ी को उनके विचारों—समानता, सामाजिक न्याय और शिक्षा—से जोड़ने पर फोकस किया गया है।
18 करोड़ की लागत, हाईटेक तकनीक का इस्तेमाल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट को करीब 18 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार किया गया है। शो को भव्य बनाने के लिए 30-30 हजार ल्यूमेन्स क्षमता वाले छह हाईटेक प्रोजेक्टर लगाए गए हैं, जिनके जरिए 30 मिनट की फिल्म और देशभक्ति से जुड़े दृश्य दिखाए जाते हैं।
इसका ट्रायल पिछले महीने से चल रहा था और अब इसे रोज शाम 7:30 बजे आम लोगों के लिए नियमित रूप से शुरू कर दिया गया है। स्मारक घूमने आने वाले पर्यटक अब यहां सिर्फ स्थापत्य नहीं, बल्कि एक जीवंत इतिहास का अनुभव भी कर सकेंगे।
हरीश भिमानी की आवाज बनेगी शो की खास पहचान
इस प्रस्तुति की एक खास बात इसकी आवाज भी है। मशहूर वॉइस ओवर आर्टिस्ट हरीश भिमानी ने इस लघु फिल्म को अपनी आवाज दी है, जिससे शो और भी प्रभावशाली बन गया है। उनकी दमदार नैरेशन दर्शकों को कहानी से जोड़ने में अहम भूमिका निभाती है।
लखनऊ का यह नया लाइट एंड साउंड शो सिर्फ एक मनोरंजन कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक शैक्षणिक और प्रेरणादायक पहल है। यह परियोजना न सिर्फ बाबा साहेब के जीवन को नई तकनीक के साथ प्रस्तुत करती है, बल्कि युवाओं को उनके विचारों से जोड़ने का भी एक सशक्त माध्यम बनकर उभरी है।




