Solar Eclipse 2026: आज लगेगा साल का पूर्ण सूर्य ग्रहण, भारत में नहीं दिखेगा, जानें दुनिया में कब और कहां दिखेगा

Solar Eclipse 2026 आज यानी 12 अगस्त को दुनिया के कई हिस्सों में दिखाई देगा। यह साल का सबसे खास खगोलीय घटनाक्रम है। कुछ क्षेत्रों में पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देगा, जबकि कई जगहों पर आंशिक ग्रहण नजर आएगा। हालांकि भारत में यह सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा।

नासा के मुताबिक, ग्रहण की वैश्विक शुरुआत करीब 15:34 UTC पर होगी। भारतीय समय के मुताबिक यह लगभग रात 9:04 बजे IST होगा। यानी भारत में दोपहर के समय जब यह खबर प्रकाशित की जा रही है, तब ग्रहण शुरू नहीं हुआ है।

कितने बजे शुरू होगा सूर्य ग्रहण?

Solar Eclipse 2026 का पहला चरण 15:34 UTC यानी भारतीय समयानुसार रात 9:04 बजे के आसपास शुरू होगा।

हालांकि यह समय ग्रहण की वैश्विक शुरुआत का है। अलग-अलग देशों और शहरों में ग्रहण के दिखाई देने का समय अलग होगा, क्योंकि यह इस बात पर निर्भर करता है कि वहां सूर्य उस समय क्षितिज के ऊपर है या नहीं।

पूर्ण सूर्य ग्रहण का सबसे खास चरण उत्तरी रूस, ग्रीनलैंड, आइसलैंड और स्पेन समेत कुछ इलाकों में दिखाई देगा।

आइसलैंड और स्पेन में कब दिखेगा पूर्ण ग्रहण?

ग्रहण का पूर्ण चरण आगे बढ़ते हुए आइसलैंड पहुंचेगा। यहां पूर्ण ग्रहण 17:44 UTC के आसपास, यानी भारतीय समयानुसार करीब रात 11:14 बजे IST के आसपास दिखाई देगा।

इसके बाद ग्रहण यूरोप की ओर बढ़ेगा और स्पेन में सूर्यास्त के करीब पूर्ण ग्रहण का शानदार नजारा देखने को मिलेगा। स्पेन के कुछ हिस्सों में सूर्य के डूबने से ठीक पहले यह खगोलीय घटना दिखाई देगी।

नासा के मुताबिक, पूर्ण ग्रहण का अधिकतम चरण बेहद कम समय का होगा और अधिकतम पूर्णता लगभग 2 मिनट 18 सेकंड तक रह सकती है। अलग-अलग स्थानों पर इसकी अवधि अलग-अलग होगी।

किन देशों में दिखाई देगा पूर्ण सूर्य ग्रहण?

12 अगस्त का पूर्ण सूर्य ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस, स्पेन और पुर्तगाल के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। वहीं अमेरिका के उत्तरी हिस्सों, कनाडा, उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका और यूरोप के कई इलाकों में आंशिक सूर्य ग्रहण नजर आएगा।

कुछ जगहों पर सूर्य का 90 प्रतिशत या उससे भी ज्यादा हिस्सा चंद्रमा की छाया में आ सकता है।

भारत में नहीं दिखाई देगा ग्रहण

भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।
ग्रहण के दौरान भारत में रात होगी, इसलिए यहां से सूर्य ग्रहण को सीधे आसमान में देखना संभव नहीं होगा।

हालांकि भारत में बैठे लोग दुनिया के उन हिस्सों से आने वाली तस्वीरों और लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए इस खगोलीय घटना को देख सकते हैं।

क्या होता है पूर्ण सूर्य ग्रहण?

सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और सूर्य की रोशनी को पृथ्वी तक पहुंचने से रोकता है।

जब चंद्रमा सूर्य की पूरी डिस्क को ढक लेता है तो इसे पूर्ण सूर्य ग्रहण कहा जाता है। इस दौरान कुछ समय के लिए दिन में अंधेरा जैसा माहौल बन सकता है और सूर्य का बाहरी वातावरण यानी कोरोना दिखाई दे सकता है। अगर किसी क्षेत्र में चंद्रमा सूर्य का केवल कुछ हिस्सा ढकता है तो वहां आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देता है।

सूर्य ग्रहण को सीधे देखने की गलती न करें

सूर्य ग्रहण को बिना उचित सुरक्षा के सीधे देखना आंखों के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। सामान्य सनग्लास सूर्य की तेज किरणों से आंखों को पर्याप्त सुरक्षा नहीं देते।

ग्रहण देखने के लिए केवल प्रमाणित ISO 12312-2 मानक वाले eclipse glasses का इस्तेमाल करना चाहिए।

नासा के मुताबिक, बिना उचित सोलर फिल्टर के कैमरा, दूरबीन या बाइनॉक्युलर से भी सूर्य को नहीं देखना चाहिए। इन उपकरणों से सूर्य की रोशनी केंद्रित होकर आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।

ऑनलाइन भी देख सकेंगे Solar Eclipse 2026

अगर आप ऐसे इलाके में नहीं हैं जहां ग्रहण दिखाई देगा, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। नासा समेत कई संस्थान इस खगोलीय घटना की लाइव कवरेज उपलब्ध करा रहे हैं।

यानी भारत में आज रात जब यह ग्रहण शुरू होगा, तब देश में यह दिखाई नहीं देगा, लेकिन दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से आने वाली तस्वीरों और लाइव वीडियो के जरिए Solar Eclipse 2026 का नजारा देखा जा सकेगा।

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