The Red Ink: शादी का झांसा देकर संबंध बनाने का आरोप; गर्भ ठहरने पर दबाव, धमकी और बदनामी—दो महीने भटकने के बाद दर्ज हुई FIR….
भरोसे से शुरू हुआ रिश्ता, दर्दनाक आरोपों में बदला
लखनऊ के SGPGI में पढ़ने वाली एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने अपने ही साथी डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि दोस्ती और भरोसे से शुरू हुआ रिश्ता धीरे-धीरे शोषण और मानसिक प्रताड़ना में बदल गया।
‘शादी’ का वादा और फिर टूटता विश्वास
पीड़िता, जो पश्चिम बंगाल की मूल निवासी और एमडी छात्रा है, फिलहाल संस्थान के हॉस्टल में रह रही है। उसकी शिकायत के मुताबिक, नवंबर 2023 में आरोपी डॉक्टर सचिन गुप्ता से उसकी पहचान हुई। दोस्ती जल्द ही रिश्ते में बदली, जहां शादी का भरोसा देकर आरोपी ने उससे शारीरिक संबंध बनाए। लेकिन समय बीतने के साथ हालात बदल गए।
गर्भ ठहरने के बाद बढ़ा दबाव
पीड़िता का आरोप है कि जब वह गर्भवती हुई, तो आरोपी ने उस पर गर्भपात कराने का दबाव बनाया। विरोध करने पर व्यवहार बदल गया धमकियां, बदनामी और मानसिक उत्पीड़न शुरू हो गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे कई बार जबरन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया और नशा तक कराया।
‘हर जगह शोषण’- हॉस्टल से होटल तक
शिकायत में कहा गया है कि शोषण की घटनाएं सिर्फ एक जगह तक सीमित नहीं थीं। हॉस्टल, विभाग, होटल और यहां तक कि कार में भी उसके साथ जबरन संबंध बनाए गए। जब पीड़िता ने शादी की बात दोहराई, तो आरोपी पीछे हट गया और दूरी बनाने लगा।
बदनामी, अकेलापन और टूटती हिम्मत
पीड़िता के मुताबिक, विरोध करने पर आरोपी ने उसे विभाग में बदनाम करना शुरू कर दिया। मानसिक दबाव इतना बढ़ा कि उसने एक बार आत्महत्या की कोशिश भी की, लेकिन समय रहते लोगों ने उसे बचा लिया। यह दौर उसके लिए सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि गहरे मानसिक संघर्ष का भी रहा।
दो महीने तक दर-दर भटकी पीड़िता
न्याय की तलाश में पीड़िता ने 24 फरवरी को पुलिस से शिकायत की। इसके बाद उसने 16 मार्च को विशाखा कमेटी, 24 मार्च को वन स्टॉप सेंटर और 30 मार्च को महिला आयोग तक गुहार लगाई। लेकिन हर जगह उसे इंतजार ही मिला और आखिरकार करीब दो महीने बाद मंगलवार रात FIR दर्ज की गई।
केस दर्ज, आरोपी फरार
पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर BNS की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। SHO धीरेंद्र सिंह के मुताबिक, विशाखा कमेटी की रिपोर्ट अभी नहीं आई है लेकिन FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी डॉक्टर फिलहाल फरार है और उसकी तलाश जारी है।
सवालों के घेरे में सिस्टम
यह मामला सिर्फ एक आरोप नहीं, बल्कि उस सिस्टम पर भी सवाल खड़े करता है जहां एक महिला डॉक्टर को न्याय के लिए महीनों तक भटकना पड़ा। एक तरफ अस्पताल, दूसरी तरफ संस्थागत प्रक्रियाएं लेकिन राहत आखिर में ही मिली।




