The Red Ink
Narendra Modi ने अपने काशी दौरे के दूसरे दिन Kashi Vishwanath Temple में पूजा-अर्चना कर आध्यात्मिक और राजनीतिक दोनों संदेश दिए। 14 किलोमीटर लंबे रोड शो के बाद मंदिर पहुंचे प्रधानमंत्री का स्वागत शंखनाद और पुष्पवर्षा के बीच हुआ।
14 किलोमीटर का रोड शो, जगह-जगह भव्य स्वागत
Varanasi में प्रधानमंत्री का रोड शो करीब 14 किलोमीटर लंबा रहा। इस दौरान सड़कों पर भारी भीड़ उमड़ी। भाजपा कार्यकर्ता ढोल-नगाड़ों के साथ झूमते नजर आए, जबकि कई जगहों पर फूल बरसाकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया गया। पीएम ने पूरे रास्ते लोगों का अभिवादन किया, हालांकि वे कहीं रुके नहीं।
108 बटुकों के शंखनाद के बीच मंदिर में प्रवेश
काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य द्वार पर 108 बटुकों ने शंखनाद कर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। मंदिर परिसर में प्रवेश के बाद उन्होंने गर्भगृह में करीब 20 मिनट तक पूजा-अर्चना की। इस दौरान पांच पंडितों ने विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई और उन्हें माला पहनाकर त्रिपुंड लगाया।
त्रिशूल और डमरू भेंट, पीएम ने लहराया त्रिशूल
पूजा के बाद मंदिर से बाहर निकलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री को त्रिशूल और डमरू भेंट किया। प्रधानमंत्री ने त्रिशूल को हाथ में उठाकर लहराया, जो कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण बन गया।
बच्चों से मुलाकात, सहज अंदाज में बातचीत
मंदिर परिसर में प्रधानमंत्री ने बच्चों से भी मुलाकात की और उनसे बातचीत की। इस दौरान उनका सहज और आत्मीय अंदाज देखने को मिला।
हरदोई के लिए रवाना, गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन
काशी दौरे के बाद प्रधानमंत्री हरदोई के लिए रवाना हो गए हैं, जहां वे गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे। करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे मेरठ से प्रयागराज तक कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।
पहले दिन 6350 करोड़ की परियोजनाओं का ऐलान
अपने दौरे के पहले दिन प्रधानमंत्री ने 6,350 करोड़ रुपये की 163 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया था। उन्होंने नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी रही।
महिलाओं के मुद्दे पर दिया सियासी संदेश
महिला सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर पहले भी राजनीति होती रही है, लेकिन अब बदलाव का समय है।




