The Red Ink
Narendra Modi ने बुधवार को Hardoi से उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया। 594 किलोमीटर लंबा यह मेगा प्रोजेक्ट मेरठ से प्रयागराज तक कनेक्टिविटी को तेज करेगा और राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा देगा।
594 किमी लंबा एक्सप्रेस-वे, सफर हुआ आसान
गंगा एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से मेरठ से प्रयागराज की दूरी अब करीब 6 घंटे में तय की जा सकेगी, जबकि पहले इसमें 11-12 घंटे लगते थे। यह एक्सप्रेस-वे 12 जिलों से होकर गुजरता है और इसे बनाने में करीब 37 हजार करोड़ रुपये की लागत आई है। सड़क किनारे आधुनिक सुविधाओं से लैस पब्लिक कन्वीनियंस सेंटर, ट्रॉमा सेंटर और फूड कोर्ट भी विकसित किए गए हैं।
एयरस्ट्रिप से लेकर सेफ्टी फीचर्स तक
इस एक्सप्रेस-वे की सबसे बड़ी खासियत शाहजहांपुर के पास बनी 3.5 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप है, जहां वायुसेना के फाइटर जेट्स लैंड कर सकते हैं। साथ ही, सड़क पर रंबल स्ट्रिप्स लगाए गए हैं, जो ड्राइवर को सतर्क करने में मदद करेंगे और हादसों को कम करेंगे। हर 75 किलोमीटर पर पेट्रोल पंप की सुविधा भी दी गई है।
‘हरिद्वार तक बढ़ेगा एक्सप्रेस-वे’—PM मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने ऐलान किया कि गंगा एक्सप्रेस-वे का विस्तार हरिद्वार तक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसे अन्य एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए नए लिंक मार्ग भी बनाए जाएंगे, जिससे परिवहन और आसान होगा। उन्होंने इस प्रोजेक्ट को “डबल इंजन सरकार की तेज रफ्तार” का उदाहरण बताया।
बंगाल चुनाव का जिक्र, ‘भयमुक्त मतदान’ की बात
अपने संबोधन में पीएम ने पश्चिम बंगाल में चल रहे चुनावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस बार वहां बड़े पैमाने पर और निर्भीक माहौल में मतदान हो रहा है, जो लोकतंत्र की मजबूती का संकेत है।
‘UP के विकास की नई लाइफलाइन’
प्रधानमंत्री ने गंगा एक्सप्रेस-वे को राज्य के विकास की नई लाइफलाइन बताते हुए कहा कि जैसे गंगा सदियों से जीवन देती आई है, वैसे ही यह एक्सप्रेस-वे आधुनिक विकास को गति देगा। उन्होंने कहा कि इससे उद्योग, व्यापार और पर्यटन को बड़ा लाभ मिलेगा।
योगी बोले—किसानों और उद्योग के लिए गेमचेंजर
Yogi Adityanath ने कहा कि यह एक्सप्रेस-वे सिर्फ दूरी कम करने का माध्यम नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला प्रोजेक्ट है। उन्होंने बताया कि इसके किनारे 27 औद्योगिक हब विकसित किए जा रहे हैं, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। करीब एक लाख किसानों ने इस प्रोजेक्ट के लिए अपनी जमीन दी है।
उद्घाटन से पहले प्रतीकात्मक संदेश
कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री ने एक्सप्रेस-वे किनारे पौधारोपण किया और सीएम योगी के साथ कुछ दूरी तक पैदल भी चले। यह संदेश दिया गया कि विकास और पर्यावरण साथ-साथ चल सकते हैं।




