नालंदा में आस्था बनी हादसा: शीतला माता मंदिर में भगदड़, 8 महिलाओं की मौत, गवाहों ने बताई अफरा-तफरी की कहानी

Bihar: नालंदा जिले में चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार पर उमड़ी श्रद्धा अचानक मातम में बदल गई। मघड़ा गांव स्थित शीतला माता मंदिर में भारी भीड़ के बीच मची भगदड़ ने 8 श्रद्धालुओं की जान ले ली, जबकि कई अन्य घायल हो गए। अब इस हादसे पर प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और सरकारी प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसने पूरी घटना की भयावहता को और साफ कर दिया है।

चैत्र मंगलवार और महावीर जयंती पर उमड़ी भीड़, टूटी व्यवस्था
मंगलवार (31 मार्च 2026) को दीपनगर थाना क्षेत्र के मघड़ा गांव स्थित शीतला माता मंदिर में चैत्र माह के अंतिम मंगलवार और महावीर जयंती के मौके पर भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शी ललित कुमार ने समाचार एजेंसी से कहा, “आज महावीर जयंती और मंगलवार है, इसलिए वहां भारी भीड़ थी। बैरिकेड्स टूट गए और अचानक भगदड़ मच गई लोग कह रहे हैं कि कुछ लोग कुचले गए हैं और मौतें हुईं वहां पुलिस मौजूद नहीं थी।” भीड़ बढ़ने के साथ ही मंदिर परिसर में अव्यवस्था फैल गई और हालात बेकाबू हो गए।

8 श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल; पहचान जारी
भगदड़ के दौरान लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े और कई श्रद्धालु भीड़ में दब गए। इस दर्दनाक हादसे में 8 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जिनमें सभी महिलाएँ बताई जा रही हैं, जबकि 6 से अधिक लोग घायल हैं। प्रशासन के अनुसार, मृतकों में से दो की पहचान 50 वर्षीय रीता देवी, 45 वर्षीय रेखा देवी के रूप में हुई है, जबकि अन्य की पहचान की प्रक्रिया जारी है घायलों को नजदीकी मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों का दावा: ‘कोई लाइन में नहीं रहना चाहता था’
एक अन्य श्रद्धालु रीना राय ने बताया, “हमें पता चला कि कुछ लोग बेहोश हो गए हैं और कुछ घायल हैं भगदड़ इसलिए हुई क्योंकि कोई भी कतार में नहीं रहना चाहता था और हर कोई पहले दर्शन करना चाहता था यह सब अव्यवस्था के कारण हुआ।” पटना से पहुंची एक महिला श्रद्धालु ने दावा किया, “हम अंदर तक नहीं पहुंच सके वहां मौतें हुई हैं, जिसके बाद हमें बाहर भेज दिया गया वहां लाठीचार्ज भी हुआ था।” इन बयानों से साफ है कि भीड़ नियंत्रण और व्यवस्था की कमी ने हादसे को और गंभीर बना दिया।

रेस्क्यू ऑपरेशन, मेला बंद; प्रशासन से संपर्क नहीं
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। दर्जन भर से अधिक घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने 8 लोगों को मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद प्रशासन ने मंदिर परिसर और वहां लगने वाले मेले को तत्काल प्रभाव से बंद करवा दिया है। हालांकि, इस मामले में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क की कोशिश की गई लेकिन किसी से संपर्क नहीं हो सका।

सीएम का मुआवज़ा ऐलान, डिप्टी सीएम ने जताया दुख
मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, मृतकों के आश्रितों को आपदा प्रबंधन विभाग से 4-4 लाख रुपये और मुख्यमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपये का अनुदान देने के निर्देश दिए गए हैं। उप मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने भी इस हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि यह घटना बेहद पीड़ादायक है और सरकार पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता दे रही है।

राष्ट्रपति के दौरे के बीच बढ़ी संवेदनशीलता
इसी दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का नालंदा दौरा प्रस्तावित है, जहां वह नालंदा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में शामिल होने वाली हैं। घटना स्थल कार्यक्रम स्थल से करीब 30 किलोमीटर दूर है, जिसके चलते प्रशासनिक सतर्कता और बढ़ा दी गई है।

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