Mayawati on BSP Workers: मायावती का बड़ा संदेश, बोलीं- BSP में नेताओं नहीं, समर्पित अंबेडकरवादी कार्यकर्ताओं की है असली ताकत

Mayawati on BSP Workers को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक विस्तृत बयान में उन्होंने साफ कहा कि बहुजन समाज पार्टी किसी व्यक्ति विशेष या नेता-केंद्रित राजनीति में विश्वास नहीं करती, बल्कि पार्टी की असली ताकत समर्पित अंबेडकरवादी कार्यकर्ता हैं। उन्होंने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं, निष्कासित पदाधिकारियों और दूसरी पार्टियों में जाने वालों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे लोगों ने अक्सर अपने निजी हितों को संगठन और समाज से ऊपर रखा।

BSP की पहचान ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की राजनीति

Mayawati on BSP Workers बयान में मायावती ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी की स्थापना ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत पर हुई है। पार्टी बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान की मूल भावना के अनुरूप सर्वसमाज के हित और कल्याण के लिए काम करती है।

उन्होंने कहा कि बीएसपी की विशेषता यह है कि यहां व्यक्तियों की पूजा नहीं होती, बल्कि विचार और मिशन सर्वोपरि होते हैं। यही वजह है कि पार्टी में नेताओं से अधिक समर्पित और मिशनरी सोच वाले कार्यकर्ता सक्रिय रहते हैं।

पार्टी छोड़ने वालों पर साधा निशाना

मायावती ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि जो लोग पार्टी से निकाले गए हैं, दूसरी पार्टियों में चले गए हैं या अपने निजी कारणों से संगठन से अलग हुए हैं, उनके समर्पण पर हमेशा सवाल उठते रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे कई लोगों ने बीएसपी सरकार के दौरान पार्टी से लाभ तो खूब लिया, लेकिन समाज और संगठन को मजबूत करने में अपेक्षित योगदान नहीं दिया। उनके कार्यों का मूल्यांकन जनता भी करती है और इसी वजह से ऐसे नेताओं को लेकर लोगों के मन में संदेह बना रहता है।

चुनावी नुकसान का भी किया जिक्र

बसपा प्रमुख ने कहा कि कुछ नेताओं की निष्क्रियता और व्यक्तिगत राजनीति का नुकसान पार्टी को कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों में उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि पार्टी की अपेक्षा थी कि ऐसे लोग अपने समाज को संगठन से जोड़ेंगे और मिशन को आगे बढ़ाएंगे, लेकिन कई मामलों में ऐसा नहीं हुआ। इसका असर चुनावी प्रदर्शन पर भी दिखाई दिया।

नई पीढ़ी के कार्यकर्ताओं पर भरोसा

Mayawati on BSP Workers संदेश में मायावती ने कहा कि बीते कई वर्षों से पार्टी के वरिष्ठ और ईमानदार कार्यकर्ता लगातार नए युवाओं को तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बीएसपी की संगठनात्मक नर्सरी में नए और समर्पित कार्यकर्ताओं को मिशनरी सोच के साथ प्रशिक्षित किया जा रहा है। यही लोग भविष्य में पार्टी को नई दिशा देने का काम करेंगे।

मायावती ने विश्वास जताया कि नई पीढ़ी के ये कार्यकर्ता पहले से अधिक साफ-सुथरी छवि, ईमानदारी और अंबेडकरवादी विचारधारा के साथ संगठन को मजबूत करेंगे।

ब्राह्मण समाज को दिया भरोसा

अपने बयान में मायावती ने विशेष रूप से ब्राह्मण समाज का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज और अन्य सभी वर्गों के लोगों को बीएसपी के साथ मजबूती से जुड़े रहना चाहिए।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि पार्टी हर समाज को उसकी तैयारी और योगदान के आधार पर राजनीतिक भागीदारी देती रहेगी। चुनावों में टिकट वितरण से लेकर सरकार बनने पर सम्मानजनक प्रतिनिधित्व देने तक, सभी वर्गों का ध्यान रखा जाएगा।

2007 मॉडल का किया उल्लेख

मायावती ने कहा कि वर्ष 2007 में बनी बीएसपी सरकार की तरह भविष्य में भी सभी समाजों को उचित सम्मान और भागीदारी देने का प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि बीएसपी की ताकत उसकी सर्वसमाज आधारित राजनीति है और इसी मॉडल ने पार्टी को देश की राजनीति में अलग पहचान दिलाई थी।

दलित समाज की भूमिका पर जोर

बसपा सुप्रीमो ने कहा कि पार्टी को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने में दलित समाज की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि बीएसपी एक ऐसे गुलदस्ते की तरह है जिसमें सभी समाजों के लोग शामिल हैं। पार्टी की नर्सरी हमेशा सर्वसमाज के सहयोग और भागीदारी से हरी-भरी रही है और आगे भी यही मॉडल संगठन की ताकत बना रहेगा।

2027 चुनाव से पहले संगठन पर फोकस

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मायावती का यह संदेश उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले संगठन को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। हाल के दिनों में कई नेताओं के पार्टी छोड़ने और निष्कासन की घटनाओं के बीच मायावती ने स्पष्ट संकेत दिया है कि बीएसपी व्यक्तियों नहीं, बल्कि विचारधारा और कार्यकर्ताओं के बल पर आगे बढ़ेगी।

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