लखनऊ में सेप्टिक टैंक बना मौत का जाल: 2 मजदूरों की दम घुटने से मौत, एक-दूसरे को बचाने उतरे थे नीचे

The Red Ink
लखनऊ के माल थाना क्षेत्र में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। टैंक में उतरे दो मजदूरों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पहले एक मजदूर नीचे गया और जब काफी देर तक कोई हलचल नहीं हुई तो दूसरा उसे देखने उतरा—लेकिन दोनों ही जिंदा बाहर नहीं आ सके।

एक के बाद एक उतरे, फिर नहीं आई कोई आवाज
घटना नवीपनाह गांव की है, जहां एक निर्माणाधीन मकान के बाहर बने करीब 14 फीट गहरे सेप्टिक टैंक की सफाई कराई जा रही थी। दोपहर करीब 2 बजे गांव के ही रिंकू पहले टैंक में उतरे। करीब 20 मिनट तक उनकी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। चिंता बढ़ने पर दूसरा मजदूर राजेश भी उन्हें देखने नीचे गया, लेकिन कुछ देर बाद उसकी भी कोई आवाज नहीं आई। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों को अनहोनी का अंदेशा हुआ।

दीवार तोड़कर निकाले गए दोनों मजदूर
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन हालात ऐसे थे कि तुरंत अंदर जाना संभव नहीं था। आसपास के मजदूरों ने टैंक की दीवार तोड़कर रस्सी की मदद से दोनों को बाहर निकाला। अचेत अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

जहरीली गैस से मौत की आशंका
पुलिस और डॉक्टरों के मुताबिक, टैंक के अंदर जहरीली गैस या ऑक्सीजन की कमी के कारण दोनों की मौत हुई हो सकती है। शरीर पर किसी तरह की चोट के निशान नहीं मिले हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी।

परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक रिंकू (35) अपने पीछे पत्नी, छोटा बेटा और मां को छोड़ गए हैं, जबकि राजेश (33) के परिवार में पत्नी, दो छोटे बच्चे और बुजुर्ग मां हैं। एक पल में दोनों परिवारों की जिंदगी बदल गई।

CM ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर शोक जताते हुए अधिकारियों को तत्काल मदद के निर्देश दिए हैं। मृतकों के परिजनों को जल्द मुआवजा देने की बात कही गई है।

रेस्क्यू में देरी पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीम समय पर नहीं पहुंची। करीब दो घंटे तक इंतजार के बाद ग्रामीणों ने खुद ही टैंक तोड़कर दोनों को बाहर निकाला।

ऐसे हादसों से कैसे बचें?
विशेषज्ञों के मुताबिक, सेप्टिक टैंक की सफाई बेहद जोखिम भरा काम है। बिना सुरक्षा उपकरण के अंदर उतरना जानलेवा हो सकता है। टैंक खोलने के बाद गैस निकलने के लिए समय देना, ऑक्सीजन की जांच करना और सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल जरूरी है।

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