Kumar Vishwas Atal Smriti Sandhya को लेकर लखनऊ के राजनीतिक और साहित्यिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर आयोजित होने वाली ‘अटल स्मृति संध्या’ में इस बार मशहूर कवि कुमार विश्वास का नाम कार्यक्रम सूची में शामिल नहीं है। उनकी जगह वरिष्ठ कवि अशोक चक्रधर मुख्य आकर्षण के तौर पर मंच साझा करते नजर आएंगे।
अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर होगा आयोजन
लखनऊ में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का संयोजन उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक कर रहे हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में हर वर्ष आयोजित होने वाली इस संध्या में देश के नामचीन कवि और साहित्यकार हिस्सा लेते हैं।
कुमार विश्वास का नाम नहीं, अशोक चक्रधर को मिली जगह
जारी कार्यक्रम के अनुसार इस बार कवि सम्मेलन में अशोक चक्रधर प्रमुख कवि के रूप में शामिल होंगे। हालांकि सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि पिछले वर्षों में मंच का अहम चेहरा रहे कुमार विश्वास का नाम सूची में नहीं है।
कार्यक्रम से उनकी गैरमौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
मार्च में ब्रजेश पाठक पर कसा था तंज
कुमार विश्वास का नाम कार्यक्रम में न होने की चर्चा इसलिए भी ज्यादा हो रही है क्योंकि इसी साल मार्च में उन्होंने एक सार्वजनिक मंच से डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक पर तंज कसा था। उस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा हुई थी।
हालांकि आयोजकों की ओर से अब तक इस बात पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि कुमार विश्वास को आमंत्रित नहीं किया गया या वह किसी अन्य कारण से कार्यक्रम का हिस्सा नहीं हैं।
साहित्य और राजनीति के संगम का मंच
अटल स्मृति संध्या केवल एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं, बल्कि साहित्य और राजनीति के संगम का मंच भी माना जाता है। अटल बिहारी वाजपेयी स्वयं एक प्रखर वक्ता और कवि थे। यही वजह है कि इस आयोजन में कविता और सार्वजनिक जीवन से जुड़े बड़े नामों की मौजूदगी हमेशा चर्चा का विषय रहती है।
इस बार भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई वरिष्ठ नेता और साहित्यकार कार्यक्रम में शामिल होंगे। वहीं अशोक चक्रधर की प्रस्तुति को लेकर साहित्य प्रेमियों में उत्साह देखा जा रहा है।
क्यों चर्चा में है यह कार्यक्रम?
कार्यक्रम से ठीक पहले कुमार विश्वास का नाम सूची में नहीं होना और उनकी जगह अशोक चक्रधर का मंच पर आना राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे रहा है। हालांकि इस पूरे मामले पर किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई विवाद या टिप्पणी सामने नहीं आई है।




