सस्ते सोने का लालच, करोड़ों की ठगी: हाईवे से लेकर बड़े शहरों तक फैला शातिर नेटवर्क बेनकाब

The Red Ink
सस्ते सोने का झांसा देकर लोगों को ठगने वाला एक संगठित और बेहद चालाक गिरोह आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया है। गुरुग्राम पुलिस ने इस अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस गिरोह के जाल में आम लोगों के साथ-साथ नामी हस्तियां भी फंस चुकी हैं।

नामी लोगों तक पहुंचा ठगी का जाल
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बॉलीवुड अभिनेता Salim Khan और Aditya Pancholi जैसे चर्चित चेहरों को भी निशाना बना चुका है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि गिरोह कितनी सुनियोजित रणनीति से काम करता था।

गिरफ्तारी और बरामदगी: करोड़ों की हेराफेरी उजागर
गुरुग्राम और गुजरात से पकड़े गए चार आरोपियों के पास से पुलिस ने 2 करोड़ 30 लाख 5 हजार 700 रुपये नकद और 678 ग्राम सोना बरामद किया है। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह ने अब तक करीब 2.49 करोड़ रुपये नकद और 50 तोला सोना ठगी के जरिए हासिल किया।

ऐसे बिछाते थे जाल: पहले भरोसा, फिर धोखा
गिरोह का तरीका बेहद चालाक था पहले ये लोग पीड़ित को असली सोने और चांदी के कुछ सिक्के दिखाकर भरोसा जीतते थे। जब सामने वाला पूरी तरह आश्वस्त हो जाता, तब उसे सस्ते दाम में ज्यादा मात्रा में सोना देने का लालच दिया जाता। यहीं से शुरू होता था खेल भारी रकम लेने के बाद असली सोने की जगह पीतल के नकली सिक्के थमा दिए जाते।

हाईवे पर रेकी, अमीरों पर नजर
यह गिरोह खासतौर पर हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सक्रिय रहता था। महंगी और लग्जरी गाड़ियों को देखकर ये लोग उन्हें रोकते और बातचीत के बहाने अपने जाल में फंसाते। टारगेट वही लोग होते थे जो आर्थिक रूप से मजबूत और भरोसा करने में जल्दी होते थे।

मजदूर बनकर रचते थे कहानी
पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी खुद को गरीब मजदूर बताकर एक कहानी गढ़ते थे कि उन्हें खुदाई में सोना मिला है और वे उसे सस्ते में बेचना चाहते हैं। यह कहानी सुनकर कई लोग लालच में आ जाते और यहीं से ठगी की शुरुआत हो जाती।

25 साल से सक्रिय सरगना, फिल्म तक बना डाली
इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड प्रभुभाई बताया जा रहा है, जो पिछले 25 वर्षों से ठगी के इस धंधे में सक्रिय है। इतना ही नहीं, ठगी के पैसों से उसने एक होटल खरीदा और “लव यू” नाम की गुजराती फिल्म भी प्रोड्यूस की।

देशभर में फैला नेटवर्क, जांच जारी
पुलिस के मुताबिक, गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है। अभी भी कई आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे रैकेट की जड़ तक पहुंचने के लिए जांच को और गहराई से आगे बढ़ाया जा रहा है।

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