The Red Ink: अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के 35वें दिन खाड़ी क्षेत्र में हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। कुवैत में पावर और डीसैलिनेशन प्लांट पर एयर स्ट्राइक हुई, जबकि UAE में मिसाइल इंटरसेप्शन के दौरान गिरे मलबे से 12 लोग घायल हो गए। इस बीच डेटा सेंटर और ऊर्जा ठिकाने भी निशाने पर आए हैं।
कुवैत में प्लांट और रिफाइनरी पर हमला
कुवैत के अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर से पहले एक पावर और डीसैलिनेशन प्लांट पर हवाई हमला किया गया। हालांकि प्लांट का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है और नुकसान का पूरा आकलन अभी बाकी है। इससे कुछ घंटे पहले सुबह कुवैत की अल-अहमदी ऑयल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला हुआ। सरकारी न्यूज एजेंसी KUNA के अनुसार, इस हमले से कई ऑपरेशनल यूनिट्स में आग लग गई लेकिन किसी कर्मचारी के घायल होने की खबर नहीं है। राहत और दमकल टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया और पर्यावरण विशेषज्ञ हवा की गुणवत्ता पर नजर रखे हुए हैं।
ईरान-इज़रायल के बीच आरोप-प्रत्यारोप
कुवैत ने इस हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है लेकिन ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इन आरोपों से इनकार किया है। IRGC ने उल्टा इज़रायल पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुवैत के डीसैलिनेशन सेंटर पर हमला “गैरकानूनी और अमानवीय” है। साथ ही ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिका के सैन्य ठिकाने और इज़रायल के सुरक्षा केंद्र अब उसके “शक्तिशाली निशाने” हैं।
UAE में 12 घायल, गैस प्लांट में आग
संयुक्त अरब अमीरात में भी हालात तनावपूर्ण रहे। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, देश पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की नई लहर देखी गई। अबू धाबी के अज्बान इलाके में मिसाइल इंटरसेप्शन के दौरान गिरे मलबे से 12 लोग घायल हुए, जिनमें 7 नेपाली और 5 भारतीय नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा, हबशन गैस फैसिलिटी में भी मलबा गिरने से आग लग गई, जिसके बाद वहां ऑपरेशन रोक दिए गए हैं।
डेटा सेंटर भी बने निशाना
हमलों के बीच टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर भी अछूता नहीं रहा। ईरान की सरकारी एजेंसी IRNA ने दावा किया कि दुबई में Oracle के डेटा सेंटर को निशाना बनाया गया। हालांकि दुबई मीडिया ऑफिस ने इसे “फेक न्यूज़” बताया। वहीं Amazon Web Services (AWS) ने पुष्टि की है कि UAE में उसके दो डेटा सेंटर सीधे हमले की चपेट में आए, जबकि बहरीन में एक सेंटर ड्रोन हमले से प्रभावित हुआ।
पूरे खाड़ी क्षेत्र में हाई अलर्ट
कुवैत सिटी से मीडिया खबरों के मुताबिक, यह तीसरी बार है जब अल-अहमदी रिफाइनरी पर हमला हुआ है। पूरे देश में हाई अलर्ट जारी है। सऊदी अरब ने अपने एयरस्पेस में एक ड्रोन को मार गिराने की बात कही, जबकि बहरीन में तीन बार मिसाइल अलार्म बजाए गए।
रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील है कुवैत
कुवैत भौगोलिक रूप से ईरान के बेहद करीब है दोनों के बीच महज 80 किलोमीटर की दूरी है। यही वजह है कि इसे इस तरह के हमलों के लिए सबसे आसान टारगेट माना जा रहा है। इसके अलावा, कुवैत और खाड़ी के अन्य देश पानी के लिए बड़े पैमाने पर डीसैलिनेशन प्लांट्स पर निर्भर हैं, जिससे ऐसे हमलों का असर और गंभीर हो सकता है।
ऊर्जा और टेक सेक्टर को लेकर नई चेतावनी
ईरान के सैन्य प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फाघरी ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स को निशाना बनाता है, तो ईरान क्षेत्र के ऊर्जा ढांचे और अमेरिकी कंपनियों से जुड़े टेक और टेलीकॉम नेटवर्क पर हमला करेगा।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते ये हमले सिर्फ सैन्य टकराव नहीं, बल्कि ऊर्जा, पानी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर सीधा खतरा बनते जा रहे हैं। हालात संकेत दे रहे हैं कि यह संघर्ष अब और व्यापक रूप ले सकता है।




