रांची:
Devendra Nath Mahto Hunger Strike एक बार फिर चर्चा में है। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ लंबे समय से भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो ने पुलिस पर उन्हें तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोकने और धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाया है। महतो ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर दावा किया कि पुलिस ने उनके साथ बलपूर्वक व्यवहार किया और उनके समर्थकों के साथ भी मारपीट की गई।
वीडियो शेयर कर लगाए गंभीर आरोप
देवेंद्र नाथ महतो द्वारा साझा किए गए वीडियो में वह अस्पताल के कमरे से बाहर निकलने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में पुलिसकर्मी उन्हें रोकते नजर आ रहे हैं।
महतो का आरोप है कि वह तिरंगा यात्रा और झंडारोहण कार्यक्रम में शामिल होना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई उनकी आवाज़ दबाने की कोशिश है।
14 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे हैं महतो
देवेंद्र नाथ महतो ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि वह पिछले 14 दिनों से भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ भूख हड़ताल पर हैं। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण आंदोलन के बावजूद प्रशासन उनकी मांगों पर ध्यान देने के बजाय उन्हें रोकने का प्रयास कर रहा है।
महतो ने दावा किया कि पुलिस ने उनके साथ धक्का-मुक्की की, जिससे उन्हें शारीरिक चोट भी आई।
सीने में चोट लगने का दावा
महतो के अनुसार, जयपाल सिंह स्टेडियम में तिरंगा फहराने के कार्यक्रम में जाने के दौरान पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की में उनके सीने में चोट लगी।
उन्होंने बताया कि घटना के बाद उनका इलाज कराया जा रहा है और मेडिकल जांच भी चल रही है। महतो का कहना है कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति पहले से ही कमजोर है क्योंकि वह कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं।
समर्थकों के साथ मारपीट का आरोप
देवेंद्र नाथ महतो ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके कुछ साथियों के साथ मारपीट की। हालांकि प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
महतो ने कहा कि आंदोलन को दबाने के लिए इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ है।
भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं का मुद्दा
देवेंद्र नाथ महतो झारखंड में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
उन्होंने दोहराया कि उनका संघर्ष किसी व्यक्तिगत हित के लिए नहीं, बल्कि राज्य के लाखों अभ्यर्थियों के अधिकारों के लिए है।
आंदोलन जारी रखने का ऐलान
महतो ने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों और प्रशासनिक दबाव के बावजूद वह पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी आवाज़ को बलपूर्वक दबाया नहीं जा सकता और वह अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे।
फिलहाल पूरे मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।




