The Red Ink: NASA के Artemis II मिशन ने अंतरिक्ष से पृथ्वी की ऐसी तस्वीरें भेजी हैं, जिन्हें एजेंसी ने “spectacular” यानी शानदार बताया है। चांद की ओर बढ़ रहे इस मिशन के दौरान ली गई ये हाई-रिज़ॉल्यूशन तस्वीरें न सिर्फ तकनीकी उपलब्धि हैं, बल्कि 1972 के बाद इंसानों के पृथ्वी की कक्षा से बाहर जाने का ऐतिहासिक पल भी दर्ज कर रही हैं।
कैसे ली गईं ये ऐतिहासिक तस्वीरें?
मिशन के कमांडर रीड वाइज़मैन ने ये तस्वीरें उस वक्त कैद कीं, जब क्रू ने अंतिम इंजन बर्न पूरा कर लिया था। इस “ट्रांस-लूनर इंजेक्शन बर्न” के बाद Orion spacecraft पृथ्वी की कक्षा से बाहर निकलकर चांद की ओर बढ़ गया।
‘Hello, World’- तस्वीर में कैद पृथ्वी की खूबसूरती
पहली तस्वीर, जिसे “Hello, World” नाम दिया गया है, में अटलांटिक महासागर का विशाल नीला विस्तार दिखाई देता है। इस तस्वीर में पृथ्वी के चारों ओर हल्की चमकती वायुमंडलीय परत, दोनों ध्रुवों पर हरी ऑरोरा और सूरज को ढकती पृथ्वी का अद्भुत दृश्य नजर आता है। दिलचस्प बात यह है कि तस्वीर में पृथ्वी उल्टी दिखाई देती है, जिसमें पश्चिमी सहारा और इबेरियन प्रायद्वीप बाईं ओर, जबकि दक्षिण अमेरिका का पूर्वी हिस्सा दाईं ओर नजर आता है। तस्वीर में नीचे दाईं ओर चमकता हुआ ग्रह शुक्र ग्रह भी दिखाई देता है।

200,000 मील की यात्रा पर निकला मिशन
यह मिशन 200,000 मील से अधिक की दूरी तय करते हुए चांद के चारों ओर चक्कर लगाकर वापस लौटेगा। Artemis II अब एक ऐसे मार्ग पर है, जो उसे चांद के दूर वाले हिस्से (far side) तक ले जाएगा—यह वही क्षेत्र है, जिसे पृथ्वी से सीधे नहीं देखा जा सकता।
54 साल बाद दोहराया गया इतिहास
यह 1972 के बाद पहली बार है, जब इंसान पृथ्वी की कक्षा से बाहर गए हैं। आखिरी बार Apollo 17 मिशन के दौरान इंसानों ने चांद की यात्रा की थी। NASA ने 2026 की इस तस्वीर की तुलना 1972 में ली गई तस्वीर से भी की और कहा कि “54 साल में बहुत कुछ बदल गया लेकिन अंतरिक्ष से हमारा घर आज भी उतना ही खूबसूरत दिखता है।”

क्रू का उत्साह: ‘खिड़कियों से चिपक गए थे हम’
मिशन स्पेशलिस्ट जेरमी हैंसेन ने बताया कि इंजन बर्न के बाद पूरा क्रू खिड़कियों से चिपककर लगातार तस्वीरें ले रहा था।
उन्होंने कहा, “हम पृथ्वी के उस हिस्से को देख रहे हैं जो अंधेरे में है, लेकिन चांद की रोशनी से जगमगा रहा है।”
तस्वीर लेने में आई चुनौतियां
कमांडर वाइज़मैन ने शुरुआत में माना कि इतनी दूरी से तस्वीर लेना आसान नहीं था। एक्सपोज़र सेटिंग को एडजस्ट करना मुश्किल हो रहा था। उन्होंने मज़ाक में कहा, “यह ऐसा है जैसे घर के पीछे जाकर चांद की फोटो लेने की कोशिश करना।”
दिन-रात की सीमा भी हुई कैमरे में कैद
एक अन्य तस्वीर में पृथ्वी का वह हिस्सा दिखता है, जहां दिन और रात की सीमा मिलती है इसे “टर्मिनेटर” कहा जाता है। NASA ने एक और तस्वीर जारी की, जिसमें अंधेरे में डूबी पृथ्वी पर इंसानी बस्तियों की रोशनी टिमटिमाती नजर आती है।

आगे क्या है मिशन का प्लान?
Artemis II का क्रू 6 अप्रैल को चांद के दूर वाले हिस्से के पास पहुंचेगा और 10 अप्रैल को पृथ्वी पर वापसी करेगा। Artemis II मिशन सिर्फ एक अंतरिक्ष यात्रा नहीं, बल्कि इंसानी जिज्ञासा और तकनीक की नई ऊंचाई का प्रतीक है। अंतरिक्ष से ली गई ये तस्वीरें एक बार फिर याद दिलाती हैं कि हमारी पृथ्वी कितनी अनमोल और खूबसूरत है।




