Ankit Balyan Murder Case की जांच अब सिर्फ एक गैंग तक सीमित नहीं रह गई है। हरियाणवी गायक और यूट्यूबर अंकित बालियान की हत्या की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर गोगी गैंग के नाम से ली गई है, लेकिन पुलिस को जांच के दौरान अलग-अलग आपराधिक नेटवर्क से जुड़े लोगों के संपर्क के सुराग मिले हैं। यही वजह है कि अब पुलिस गोगी गैंग के साथ-साथ जितेंद्र गोगी, काला जठेड़ी, लॉरेंस बिश्नोई, संपत नेहरा, गोल्डी बराड़ और नीरज बवाना से जुड़े नेटवर्क की कड़ियां भी खंगाल रही है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अंकित की हत्या के पीछे वास्तव में कौन था और सोशल मीडिया पर सामने आई जिम्मेदारी वाली पोस्ट के पीछे कौन लोग हैं। जांच का दायरा शामली से निकलकर दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक पहुंच गया है।
Ankit Balyan Murder Case में 6 गैंग के नेटवर्क की पड़ताल
पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अंकित की हत्या सिर्फ गोगी गैंग से जुड़े लोगों ने कराई या इसके पीछे अलग-अलग आपराधिक नेटवर्क के लोगों की कोई भूमिका रही। जांच एजेंसियां आरोपियों के आपसी संपर्क, फोन कॉल, सोशल मीडिया गतिविधियों और लोकेशन से जुड़े डिजिटल साक्ष्य जुटा रही हैं।
पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक सोशल मीडिया पर गैंग से जुड़े वीडियो और पोस्ट डालने वाले कुछ लोगों के बारे में अहम जानकारी मिली है। जांच के दौरान गोगी के अलावा नीरज बवाना और अन्य गिरोहों से जुड़े लोगों के आपसी संपर्क की जानकारी भी सामने आई है।
पुलिस को एक संदिग्ध की लोकेशन रोहतक और दूसरे की दिल्ली में मिलने की जानकारी मिली है। अब इन सुरागों को जोड़कर यह समझने की कोशिश की जा रही है कि हत्या की साजिश कहां तैयार हुई और हमलावरों तक निर्देश किस तरह पहुंचे।
गोगी गैंग की पोस्ट ने बढ़ाई पुलिस की चुनौती
अंकित की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर गोगी गैंग के नाम से एक पोस्ट सामने आई, जिसमें हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया। पोस्ट में कहा गया कि अंकित गैंग के दुश्मनों से जुड़ा हुआ था और इसी वजह से उसकी हत्या की गई।
हालांकि पुलिस इस दावे को अभी अंतिम सच नहीं मान रही है। जांच अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि पोस्ट वास्तव में गैंग से जुड़े किसी व्यक्ति ने डाली या फिर किसी ने जांच को दूसरी दिशा में ले जाने के लिए गोगी गैंग का नाम इस्तेमाल किया।
पोस्ट में यह दावा भी किया गया कि अंकित ने जितेंद्र मान उर्फ गोगी की हत्या के बाद टिल्लू गैंग के समर्थन में गाना बनाकर उसके खिलाफ माहौल तैयार किया था। साथ ही उसके दुश्मनों के आपराधिक कामों में साथ देने का आरोप लगाया गया। पुलिस सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए इन दावों की भी तकनीकी जांच कर रही है।
काला जठेड़ी और लॉरेंस नेटवर्क तक पहुंची जांच
जांच में काला जठेड़ी से जुड़े संभावित संपर्कों पर भी पुलिस की नजर है। इसके अलावा लॉरेंस बिश्नोई और संपत नेहरा से जुड़े नेटवर्क की कड़ियां भी जांची जा रही हैं। पुलिस यह जानना चाहती है कि इन नेटवर्क से जुड़े किसी व्यक्ति का अंकित हत्याकांड के आरोपियों या संदिग्धों से संपर्क था या नहीं।
गोल्डी बराड़ से जुड़े डिजिटल नेटवर्क की गतिविधियों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस सोशल मीडिया अकाउंट, बातचीत और ऑनलाइन गतिविधियों से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या से पहले और बाद में किन लोगों के बीच संपर्क हुआ था।
नीरज बवाना नेटवर्क की भी जांच
नीरज बवाना का नाम दिल्ली के आपराधिक नेटवर्क में सामने आता रहा है। गोगी गैंग के साथ पुराने विवाद को देखते हुए पुलिस इस एंगल को भी नजरअंदाज नहीं कर रही है।
हालांकि अभी तक इन सभी नेटवर्क की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पुलिस अलग-अलग सुरागों की पुष्टि करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की बात कह रही है।
50 से ज्यादा मोबाइल नंबर और इंस्टाग्राम अकाउंट रडार पर
अंकित की हत्या से पहले की गतिविधियों को समझने के लिए पुलिस ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा से जुड़े 50 से अधिक मोबाइल नंबर और इंस्टाग्राम अकाउंट जांच के दायरे में लिए हैं।
इनमें वे लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं, जिनसे अंकित ने हत्या से पहले करीब एक सप्ताह के दौरान फोन या सोशल मीडिया के जरिए बातचीत की थी। कॉल डिटेल और डिजिटल गतिविधियों के आधार पर पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या से पहले किसी तरह की धमकी, विवाद या साजिश के संकेत मिले थे या नहीं।
महिला कलाकार की भूमिका पर भी नजर
जांच के दौरान एक महिला कलाकार से जुड़े एंगल की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि उसका अंकित या मामले में सामने आए अन्य लोगों से किस तरह का संपर्क था। इसके लिए कॉल डिटेल, सोशल मीडिया बातचीत और दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों को देखा जा रहा है।
पुलिस ने अभी महिला की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।
सोनीपत और रोहतक में STF की दबिश
Ankit Balyan Murder Case की जांच में हरियाणा एसटीएफ भी सक्रिय हो गई है। एसटीएफ की टीम ने सोनीपत और रोहतक में कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी और संदिग्धों की तलाश की। हालांकि अभी तक किसी बड़ी गिरफ्तारी की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
दूसरी ओर शामली पुलिस ने छह युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। इनसे घटना के समय उनकी मौजूदगी और गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
जिम के बाहर गोलियों से छलनी हुआ था अंकित
अंकित बालियान की बुधवार शाम शामली में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के मुताबिक वह जिम से बाहर निकलकर अपनी गाड़ी में बैठ रहे थे, तभी बाइक सवार चार हमलावरों ने उन पर कई राउंड फायरिंग की। गंभीर रूप से घायल अंकित की मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था। परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों के एनकाउंटर की मांग को लेकर शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया और जाम लगाया।
अंकित मूल रूप से शामली के बंतीखेड़ा गांव के रहने वाले थे और लंबे समय से हरियाणा के सोनीपत में रह रहे थे। वह यूट्यूब पर भी सक्रिय थे। इससे पहले उन्होंने एक वीडियो जारी कर अपने खिलाफ रंगदारी मांगने का आरोप लगाए जाने की बात कही थी। हत्या वाले दिन जिम में फोन पर किसी व्यक्ति से उनकी तीखी बहस होने की जानकारी भी पुलिस जांच में सामने आई है।
अब पुलिस इन सभी पहलुओं को जोड़कर Ankit Balyan Murder Case की गुत्थी सुलझाने में जुटी है। जांच का मुख्य फोकस हमलावरों तक पहुंचने के साथ-साथ यह पता लगाने पर है कि हत्या की साजिश किसने रची, उसका मकसद क्या था और सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने वाली पोस्ट के पीछे वास्तव में कौन था।




