The Red Ink
नोएडा की मदरसन इंडस्ट्री में मजदूरों के विरोध प्रदर्शन और उसके बाद हुई झड़पों ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। इस पूरे घटनाक्रम पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष Ajay Rai ने योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरों के साथ वेतन और कामकाजी हालात को लेकर जो स्थिति बनी है, वह प्रदेश सरकार की “मजदूर और युवा विरोधी नीतियों” का सीधा परिणाम है।
“विज्ञापनों से नहीं भरता पेट” कांग्रेस का तंज
अजय राय ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि बड़े-बड़े सरकारी विज्ञापनों से मजदूरों का पेट नहीं भर सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मजदूर अपनी बुनियादी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं, तब उनके जवाब में आंसू गैस और पुलिस बल का इस्तेमाल क्या समाधान है? उनके मुताबिक, तीन दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे मजदूरों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल “डबल इंजन सरकार” की असली तस्वीर दिखाता है।
वेतन वृद्धि पर उठे सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वर्षों से काम कर रहे मजदूरों की सैलरी में महज 250 से 300 रुपये की बढ़ोतरी करना उनके साथ मजाक करने जैसा है। उन्होंने कहा कि मजदूरों की मांगें पूरी तरह जायज हैं न्यूनतम मजदूरी, समय पर वेतन वृद्धि, बेहतर कार्य परिस्थितियां, सुरक्षा की गारंटी लेकिन उनके अनुसार, सरकार इन मुद्दों को नजरअंदाज कर रही है।
“पूंजीपतियों को तवज्जो, मजदूरों की अनदेखी”
अजय राय ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार उद्योगपतियों को प्राथमिकता देती है, जबकि मजदूरों की समस्याओं को दबाने की कोशिश की जाती है। उन्होंने नोएडा में हुई हिंसा के लिए सीधे तौर पर राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि अगर समय रहते मजदूरों की बात सुनी जाती, तो हालात इस स्तर तक नहीं पहुंचते।
कांग्रेस की मांगें और चेतावनी
कांग्रेस की ओर से इस मामले में कई मांगें रखी गई हैं जैसे- मजदूरों की सभी जायज मांगों को तुरंत स्वीकार किया जाए, घायल मजदूरों का मुफ्त इलाज कराया जाए, जिम्मेदार अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन पर कार्रवाई हो, पूरे प्रदेश में न्यूनतम मजदूरी 25,000 रुपये प्रतिमाह तय की जाए। अंत में अजय राय ने सरकार को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि मजदूर अब चुप नहीं बैठेंगे और कांग्रेस उनके संघर्ष में पूरी मजबूती से साथ खड़ी रहेगी।




