मॉर्निंग वॉक पर मर्डर, 15 घंटे में एनकाउंटर: मिर्जापुर में वकील हत्याकांड का आरोपी ढेर नहीं, पैर में गोली खाकर गिरफ्तार

The Red Ink: 50 हजार का इनामी राजेंद्र सोनकर पुलिस मुठभेड़ में घायल—सीने से सटाकर मारी थी गोली, CCTV में कैद हुई थी पूरी वारदात।

मॉर्निंग वॉक बना मौत का जाल
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में शनिवार सुबह की एक सामान्य सी शुरुआत कुछ ही पलों में खौफनाक हत्या में बदल गई। सीनियर वकील राजीव सिंह (45) रोज की तरह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे लेकिन उन्हें क्या पता था कि कोई पहले से घात लगाकर उनकी मौत का इंतजार कर रहा है। सुबह करीब 7:15 बजे कटरा कोतवाली क्षेत्र के कतवारु का पुरा मोहल्ले में दो हमलावर बाइक से पहुंचे और रास्ता रोककर राजीव सिंह के सीने से तमंचा सटाकर गोली मार दी। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

CCTV में कैद ‘एक मिनट का खौफ’
यह पूरी वारदात महज एक मिनट में अंजाम दी गई और CCTV कैमरे में कैद हो गई। वीडियो में साफ दिखा कि एक आरोपी नीली शर्ट पहनकर बाइक चला रहा था, जबकि दूसरा सफेद कपड़े और गले में गमछा डाले पीछे बैठा था। वकील को देखते ही पीछे बैठा हमलावर उतरा, तमंचा निकाला और बेहद करीब से फायर कर दिया। हत्या के बाद दोनों भागने लगे, लेकिन उनकी बाइक स्टार्ट नहीं हुई। करीब 15-16 बार किक मारने के बाद भी जब बाइक नहीं चली, तो हमलावरों में घबराहट दिखी। इसी बीच जब लोग उन्हें पकड़ने दौड़े, तो उन्होंने तमंचा दिखाकर डराया और किसी तरह बाइक स्टार्ट कर मौके से फरार हो गए।

15 घंटे में पुलिस का एक्शन, एनकाउंटर में दबोचा गया आरोपी
हत्या के बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 5 टीमें गठित कीं और मुख्य आरोपी राजेंद्र सोनकर पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। शनिवार रात बरौधा तिराहे पर चेकिंग के दौरान आरोपी बाइक से आता दिखा। पुलिस को देखते ही वह भागने लगा और पीछा करने पर उसने फायरिंग भी की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें उसके दोनों पैरों में गोली लग गई। घायल हालत में पुलिसकर्मियों ने उसे कंधे पर टांगकर गाड़ी तक पहुंचाया और फिर मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया।

पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी राजेंद्र सोनकर और मृतक राजीव सिंह एक ही गांव देवरी के रहने वाले थे। राजेंद्र पहले प्रधानी का चुनाव लड़ चुका था और राजीव सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह से उसकी चुनावी रंजिश चल रही थी। यही पुराना विवाद इस हत्या की वजह बना। राजेंद्र पहले से जानता था कि राजीव हर दिन किस समय मॉर्निंग वॉक पर निकलते हैं और उसी के आधार पर उसने पूरी साजिश रची।

जिसकी पैरवी की, उसी ने ली जान
इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि जिस आरोपी ने हत्या की, उसी के मुकदमों की पैरवी कभी राजीव सिंह ही किया करते थे। परिजनों के मुताबिक, गांव का होने के कारण राजीव अक्सर राजेंद्र की आर्थिक मदद भी करते थे और उसे भाई जैसा मानते थे लेकिन यही भरोसा आखिरकार उनकी जान का दुश्मन बन गया।

आरोपी का आपराधिक इतिहास और पुराना विवाद
पुलिस जांच में पता चला कि राजेंद्र सोनकर पर 2020 में आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज था और वह पहले भी तीन बार जेल जा चुका है। वह नशे का आदी भी बताया गया है। करीब 7 महीने पहले भी उसने राजीव सिंह को रास्ते में रोककर तमंचा तान दिया था और मारपीट की थी। इस मामले में शिकायत भी दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पड़ोसियों के अनुसार, विवाद के बाद उसने राजीव के घर आना-जाना बंद कर दिया था, लेकिन अक्सर उनके घर के आसपास मंडराता दिखाई देता था।

परिवार और सामाजिक पहचान
राजीव सिंह मूल रूप से विंध्याचल थाना क्षेत्र के देवरी गांव के रहने वाले थे। 2011 में उन्होंने कटरा क्षेत्र में मकान बनवाया था और बच्चों की पढ़ाई के कारण वहीं रह रहे थे। उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह गांव की प्रधान हैं, जबकि खुद राजीव सिंह भी दो बार प्रधान रह चुके थे। उनके दो बेटे हैं ओम (18) और सार्थक (12)।

सवाल जो बाकी हैं… यह हत्याकांड सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि कई सवाल भी छोड़ गया है क्या पहले हुए विवाद पर सख्त कार्रवाई होती तो यह हत्या टल सकती थी? क्या पुलिस की शुरुआती लापरवाही ने आरोपी को हिम्मत दी? फिलहाल, मुख्य आरोपी पुलिस गिरफ्त में है लेकिन उसका साथी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

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