खांडू सरकार पर SC की नजर: परिवार से जुड़े ठेकों की CBI जांच के आदेश

The Red Ink: अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री Pema Khandu को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सरकारी ठेकों को लेकर लगे आरोप अब सीधे CBI की जांच के दायरे में आ गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि इस पूरे मामले में दो हफ्ते के भीतर CBI प्रारंभिक जांच दर्ज करे और तथ्यों की पड़ताल शुरू करे।

मामला आखिर है क्या?
पूरा विवाद उन सरकारी ठेकों से जुड़ा है, जो कथित तौर पर मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़ी कंपनियों को दिए गए। आरोप है कि पिछले एक दशक में परिवार से जुड़ी चार कंपनियों को 146 ठेके दिए गए, जिनकी रकम 380 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में यही आंकड़ा बढ़कर 1,270 करोड़ रुपये से ज्यादा तक बताया गया है यही वजह है कि मामला गंभीर हो गया है।

याचिका में क्या कहा गया?
जनहित याचिका में साफ आरोप लगाया गया है कि इतनी बड़ी मात्रा में ठेके रिश्तेदारों को दिए जाना भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि राज्य पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कर पाएगी, इसलिए CBI या SIT जांच जरूरी है।

सरकार का बचाव भी सामने
दूसरी तरफ राज्य सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि बिना टेंडर के ठेके देना विकास कार्यों में असामान्य नहीं है। यानी सरकार इसे सामान्य प्रक्रिया बता रही है, जबकि याचिकाकर्ता इसे गंभीर अनियमितता मान रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट क्यों हुआ सख्त?
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट पहले ही 17 फरवरी 2026 को फैसला सुरक्षित रख चुका था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 2015 से 2025 तक के सभी ठेकों का पूरा रिकॉर्ड भी मांगा था, जिससे साफ था कि मामला हल्के में नहीं लिया जा रहा। अब कोर्ट ने आदेश देकर जांच का रास्ता साफ कर दिया है।

CBI जांच कैसे आगे बढ़ेगी?
कोर्ट के आदेश के मुताबिक CBI नवंबर 2015 से 2025 तक दिए गए सभी ठेकों की जांच करेगी। जरूरत पड़ी तो दायरा इससे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। राज्य सरकार एक हफ्ते के भीतर जांच में सहयोग सुनिश्चित करेगी। मुख्य सचिव CBI के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे और 16 हफ्तों के अंदर CBI अपनी स्टेटस रिपोर्ट सौंपेगी।

अब आगे क्या?
इस पूरे घटनाक्रम ने अरुणाचल की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है क्या यह मामला सिर्फ आरोप तक सीमित रहेगा या जांच में कुछ ठोस सामने आएगा? CBI की शुरुआती जांच ही तय करेगी कि मामला आगे कितनी दूर जाएगा।

Hot this week

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: वोटिंग से 48 घंटे पहले नाम जुड़ा तो भी डाल सकेंगे वोट

The Red Ink पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता...

Topics

Related Articles

Popular Categories