‘अब बारी हमारी’: B1 हमले के बाद ईरान का खौफनाक जवाब, 8 पुलों की जारी की ‘हिट लिस्ट’

The Red Ink: तेहरान-करज को जोड़ने वाले B1 ब्रिज पर हमले के बाद मध्य-पूर्व में तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इस हमले के जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों और जॉर्डन के अहम पुलों की एक ‘हिट लिस्ट’ जारी कर दी है, जिससे पूरे इलाके में सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है।

B1 ब्रिज पर हमले के बाद ईरान का पलटवार संकेत
अमेरिका ने ईरान की राजधानी तेहरान को करज से जोड़ने वाले B1 ब्रिज को निशाना बनाया। यह देश के सबसे ऊंचे पुलों में शामिल है। हमले के बाद ईरान ने सख्त रुख अपनाते हुए संभावित टारगेट्स की सूची जारी कर दी है। ईरान की अर्ध-सरकारी मीडिया एजेंसी FARS पर जारी इस लिस्ट में खाड़ी क्षेत्र और जॉर्डन के कई रणनीतिक पुलों के नाम शामिल हैं। संकेत साफ है ईरान अब जवाबी कार्रवाई के मूड में है।

इन 8 पुलों को बताया गया संभावित निशाना
ईरान की जारी ‘हिट लिस्ट’ में जिन पुलों का जिक्र है, वे अपने-अपने देशों के लिए बेहद अहम माने जाते हैं उस हिट लिस्ट में शामिल पुल हैं-
1- जबार-अल-अहमद सी ब्रिज (कुवैत)
2- शेख जायेद ब्रिज (UAE)
3- अल-मकता ब्रिज (UAE)
4- शेख खलीफा ब्रिज (UAE)
5- किंग फहाद कॉजवे (सऊदी अरब–बहरीन कनेक्शन)
6- किंग हुसैन ब्रिज (जॉर्डन)
7- दामिया ब्रिज (जॉर्डन)
8- अब्दून ब्रिज (जॉर्डन)
इन पुलों पर खतरे की आशंका ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है।

ट्रंप ने शेयर किया हमले का वीडियो, दी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो में पुल पर हवाई हमले के बाद आग और घना धुआं उठता दिख रहा है। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उसने अपना रवैया नहीं बदला, तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने यहां तक कहा कि “उस देश का कुछ भी बाकी नहीं बचेगा, जो अब भी एक महान देश बन सकता था।”

ईरान का जवाब: ‘घुटने नहीं टेकेंगे’
हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि आम नागरिकों से जुड़ी इमारतों और पुलों पर हमले ईरान को झुकाने के लिए काफी नहीं हैं। उन्होंने साफ किया कि इस तरह की कार्रवाई से ईरान पीछे हटने वाला नहीं है।

हमले के पीछे कौन? अमेरिका या इजरायल?
हालांकि हमले की जिम्मेदारी किसी देश ने आधिकारिक तौर पर नहीं ली है लेकिन ट्रंप द्वारा वीडियो साझा किए जाने के बाद अमेरिका पर शक गहराया है। वहीं Israel Defense Forces ने पहले ही इस हमले से अनभिज्ञता जताई थी, जबकि ‘टाइम्स ऑफ इजरायल’ की रिपोर्ट में अमेरिका को जिम्मेदार बताया गया है।

कितना अहम था B1 ब्रिज?
B1 ब्रिज मिडिल ईस्ट का सबसे ऊंचा पुल माना जाता है, जिसकी ऊंचाई लगभग 136 मीटर और लंबाई करीब 1050 मीटर है। इसी साल शुरू हुए इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 400 मिलियन डॉलर (करीब 3800 करोड़ रुपये) थी। इसका मकसद तेहरान को उत्तरी इलाकों से जोड़ना और व्यापार को सुगम बनाना था। इस पुल के नुकसान से ट्रैफिक और व्यापार पर बड़ा असर पड़ने की आशंका है।
B1 ब्रिज पर हमला और उसके बाद ईरान की ‘हिट लिस्ट’ ने मध्य-पूर्व को एक नए टकराव की ओर धकेल दिया है। हालात अब सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रहे संकेत साफ हैं कि आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ सकता है।

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