The Red Ink: बचपन में 1 अप्रैल का मतलब होता था हंसी-मज़ाक, एक-दूसरे को “April Fool” बनाना और दिनभर ठहाके लगाना लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है। इस बार 1 अप्रैल कोई मज़ाक नहीं लेकर आया बल्कि ऐसा झटका लेकर आया है जिससे आम आदमी की जेब सीधे प्रभावित हो रही है। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही कई जरूरी चीज़ें महंगी हो गई हैं और इसका असर घर से लेकर बाजार तक हर जगह महसूस होगा।
कमर्शियल सिलेंडर ने बढ़ाई चिंता, घरेलू रसोई पर भी असर तय
महंगाई की शुरुआत एलपीजी से हुई है। 14 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमतों में भले कोई बदलाव नहीं किया गया लेकिन 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर को महंगा कर दिया गया है। इस बदलाव का सीधा असर होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट पर पड़ेगा और जाहिर है, इसका बोझ आखिरकार ग्राहकों तक ही पहुंचेगा। 1 अप्रैल से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 218 रुपये तक महंगा हो गया है। इसके बाद दिल्ली में इसकी कीमत 2078.50 रुपये, कोलकाता में 2208 रुपये, मुंबई में 2031 रुपये और चेन्नई में 2246.50 रुपये हो गई है।
हवाई ईंधन में उछाल- अब उड़ान भी भारी पड़ेगी
एयर टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की कीमतों में जो उछाल आया है, वह असामान्य है। पहली बार इसका दाम 2 लाख रुपये प्रति किलोलीटर के पार चला गया है। दिल्ली में यह 96,638.14 रुपये से बढ़कर 207,341.22 रुपये प्रति किलोलीटर हो गया है। कोलकाता में 99,587.14 रुपये से 205,955.33 रुपये, मुंबई में 90,451.87 रुपये से 194,968.67 रुपये और चेन्नई में 1,00,280.49 रुपये से बढ़कर 214,597.66 रुपये प्रति किलोलीटर पहुंच गया है। इसका सीधा मतलब है आने वाले समय में हवाई टिकट और महंगे हो सकते हैं।
ATM अब पूरी तरह ‘फ्री’ नहीं- हर ट्रांजैक्शन की कीमत तय
बैंकों ने भी नियमों में बदलाव कर ग्राहकों की जेब पर असर डाल दिया है। अब ATM से कैश निकालना पहले जितना आसान और सस्ता नहीं रहेगा। HDFC Bank के एटीएम से UPI के जरिए कैश निकालने पर यह ट्रांजैक्शन अब फ्री लिमिट में गिना जाएगा। महानगरों में 5 और अन्य जगहों पर 3 ट्रांजैक्शन मुफ्त हैं इसके बाद हर बार 23 रुपये और टैक्स देना होगा। PNB ने कुछ कार्ड्स की डेली लिमिट ₹1 लाख से घटाकर ₹50,000 कर दी है, जबकि Bandhan Bank ने भी फ्री लिमिट के बाद हर ट्रांजैक्शन पर 23 रुपये चार्ज लागू किया है। अगर खाते में बैलेंस कम हुआ और ट्रांजैक्शन फेल हुआ, तो 25 रुपये की पेनल्टी अलग से लगेगी।
शेयर बाजार में भी बढ़ा खर्च- ट्रेडिंग हुई महंगी
1 अप्रैल से शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वालों पर भी अतिरिक्त बोझ आ गया है। सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में बढ़ोतरी लागू हो गई है। फ्यूचर ट्रेडिंग पर STT 150% तक और ऑप्शन ट्रेडिंग पर करीब 50% तक बढ़ाया गया है इसका सीधा असर ट्रेडर्स की लागत और मुनाफे पर पड़ेगा।
कार खरीदने वालों के लिए झटका- कीमतों में इजाफा
ऑटो सेक्टर में भी 1 अप्रैल से कीमतें बढ़ा दी गई हैं। Tata Motors ने अपनी पेट्रोल-डीजल गाड़ियों की कीमत में करीब 0.5% बढ़ोतरी की है, जबकि MG Motors ने अपने पूरे पोर्टफोलियो पर 2% तक दाम बढ़ा दिए हैं। इसके अलावा Mercedes-Benz, BMW और Audi जैसी लग्जरी कारों की कीमतों में भी करीब 2% तक इजाफा हुआ है।




