Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 की आहट अब साफ सुनाई देने लगी है। एक तरफ अखिलेश यादव रैलियों के जरिए माहौल बना रहे हैं, तो दूसरी ओर नरेंद्र मोदी भी बड़े प्रोजेक्ट्स के साथ मैदान में उतर चुके हैं। ऐसे में अब मायावती ने भी अपनी चाल चल दी है एक ऐसी बैठक के साथ, जो आने वाले चुनावी समीकरण बदल सकती है।
लखनऊ में बड़ी बैठक—संगठन से लेकर रणनीति तक होगी चर्चा
बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने मंगलवार (31 मार्च) को पार्टी के लखनऊ स्थित कार्यालय में प्रदेश और जिला स्तरीय पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। पार्टी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में चुनावी तैयारियों, संगठन की जमीनी मजबूती, आर्थिक स्थिति और सर्व समाज में पार्टी का जनाधार बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी।
इसके साथ ही आगामी अंबेडकर जयंती की तैयारियों को लेकर भी मंथन होने की संभावना है।
‘मिशन 2027’ पर BSP का फोकस-बूथ से लेकर बहुजन एकता तक प्लान
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में मायावती कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक की कमेटियों की स्थिति, तय किए गए लक्ष्यों की प्रगति और संगठनात्मक गतिविधियों की रिपोर्ट लेंगी। हाल के दिनों में BSP लगातार संगठन को मजबूत करने और बहुजन एकता के मुद्दे पर जोर देती दिख रही है। ऐसे में इस बैठक को ‘मिशन 2027’ की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। संभावना जताई जा रही है कि कार्यकर्ताओं को और अधिक सक्रिय होने और जनता के बीच जाकर पार्टी की पकड़ मजबूत करने के निर्देश भी दिए जाएंगे।
वेस्ट यूपी से चुनावी शंखनाद- सपा और बीजेपी भी एक्टिव
गौरतलब है कि 29 मार्च को अखिलेश यादव ने नोएडा में PDA रैली कर चुनावी अभियान की शुरुआत कर दी थी। वहीं 28 मार्च को नरेंद्र मोदी ने जेवर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को लेकर नोएडा में रैली को संबोधित किया था। इसी मुद्दे पर मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया था कि जेवर एयरपोर्ट परियोजना की नींव उनके शासनकाल में रखी गई थी। प्रदेश में तेजी से बढ़ती इन राजनीतिक गतिविधियों से साफ है कि सभी दल अब 2027 विधानसभा चुनाव के लिए माहौल बनाने में जुट चुके हैं।




