“शादी से छुटकारा, भक्ति का सहारा!” 9 KM दंडवत चला पति, मन्नत पूरी होने पर मंदिर पहुंचा

Basti: विवाह को सात जन्मों का बंधन कहा जाता है लेकिन उत्तर प्रदेश के बस्ती में एक शख्स ने इसे दो साल में ही ‘खत्म अध्याय’ बना दिया। इतना ही नहीं, इस ‘मुक्ति’ की खुशी में उसने भगवान का ऐसा शुक्रिया अदा किया, जिसने पूरे इलाके को हैरान भी किया और सोचने पर मजबूर भी। सवाल सिर्फ आस्था का नहीं है बल्कि बदलते रिश्तों की उस सच्चाई का है, जहां अब लोग साथ रहने से ज्यादा अलग होने की मन्नत मांग रहे हैं।

‘भगवान बस छुटकारा दिला दो…’ और शुरू हो गई 9 KM की दंडवत यात्रा
बस्ती जिले के एक गांव के रहने वाले रवि ने जो किया, वह आम नहीं है। सुबह घर से निकले न कुछ खाया, न पिया। मंज़िल थी बैड़वा माता मंदिर लेकिन तरीका था साष्टांग दंडवत परिक्रमा। करीब 9 किलोमीटर की दूरी उन्होंने लेट-लेटकर तय की।  शाम 6 बजे जब मंदिर पहुंचे, तब तक घुटने छिल चुके थे, शरीर जवाब दे चुका था लेकिन चेहरे पर एक अजीब सी शांति थी जैसे कोई बड़ी ‘समस्या’ सच में खत्म हो गई हो। इस पूरे सफर में उनके साथ माता-पिता और गांव के लोग भी थे, जो गाजे-बाजे के साथ इस यात्रा को किसी जुलूस जैसा बना रहे थे।

पहले ‘शादी के लिए मन्नत’, अब ‘शादी से मुक्ति’-रिश्तों का नया ट्रेंड?
रवि की शादी दो साल पहले हुई थी लेकिन उनका कहना है कि शुरुआत से ही रिश्ते में तनाव था। रोज़-रोज के झगड़ों से परेशान होकर उन्होंने मंदिर में मन्नत मांगी “भगवान, बस इस रिश्ते से मुक्ति दिला दो।” कुछ समय बाद वे कानूनी रूप से अपनी पत्नी से अलग हो गए। और फिर वादा निभाने के लिए शुरू हुई ये दंडवत यात्रा।

यह कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं बल्कि समाज में बदलती सोच की झलक है। जहां पहले लोग शादी बचाने के लिए व्रत रखते थे, अब उसी शादी से छुटकारा पाने के लिए मंदिरों का सहारा लिया जा रहा है। आखिर यह आस्था है, मजबूरी है या रिश्तों के कमजोर होते जाने की एक नई तस्वीर यह सवाल अब बस्ती की गलियों से निकलकर पूरे समाज के सामने खड़ा है।

Hot this week

‘अब लखनऊ आने के लिए अनुमति नहीं मांगेंगे’, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का प्रशासन पर सीधा हमला

The Red Ink: ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने...

Topics

‘अब लखनऊ आने के लिए अनुमति नहीं मांगेंगे’, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का प्रशासन पर सीधा हमला

The Red Ink: ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने...

Related Articles

Popular Categories