Raksha Bandhan पर लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास पर उस समय खास माहौल देखने को मिला, जब बच्चियों ने उन्हें राखी बांधी और उनके साथ बातचीत की। राखी बंधवाने के बाद मुख्यमंत्री ने बच्चियों को चॉकलेट, शगुन के लिफाफे और एक-एक बैग उपहार में दिया। इस दौरान बच्चियों ने मुख्यमंत्री से पढ़ाई, मोबाइल और सोशल मीडिया से जुड़े सवाल भी पूछे।
वहीं, प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में रक्षाबंधन का त्योहार उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। जेलों के बाहर बहनों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं, जबकि बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर भी यात्रियों की भारी भीड़ है।
Raksha Bandhan पर CM योगी ने बच्चियों से की बातचीत
लखनऊ में संस्कृति स्कूल की छात्रा श्रेयसी सिंह समेत कई बच्चियां मुख्यमंत्री आवास पहुंचीं। बच्चियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कलाई पर राखी बांधी। इसके बाद उन्होंने बच्चियों से बातचीत की और उनकी पढ़ाई समेत कई विषयों के बारे में जानकारी ली।
इस दौरान एक छात्रा ने मुख्यमंत्री से सोशल मीडिया के दौर में खुद को फोकस्ड रखने को लेकर सवाल किया। जवाब में योगी आदित्यनाथ ने मोबाइल फोन के सीमित इस्तेमाल की बात कही और बच्चों को किताबें पढ़ने की सलाह दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह खुद मोबाइल का इस्तेमाल बहुत कम करते हैं और जरूरत पड़ने पर ही इसे देखते हैं। उन्होंने बच्चों से कहा कि मोबाइल फोन पर अनावश्यक समय बिताने के बजाय किताबें पढ़ने की आदत विकसित करनी चाहिए।
बच्चियों को चॉकलेट और बैग भी दिए
राखी बंधवाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चियों को चॉकलेट, शगुन के लिफाफे और उपहार में बैग दिए। मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात और उनसे बातचीत को लेकर बच्चियों में भी उत्साह नजर आया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों को समय के बेहतर इस्तेमाल और पढ़ाई पर ध्यान देने का संदेश दिया।
जेलों के बाहर भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं बहनें
रक्षाबंधन के मौके पर लखनऊ, मथुरा, अयोध्या समेत प्रदेश के कई जिलों में जेलों के बाहर सुबह से ही बहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। बहनें जेल में बंद अपने भाइयों से मिलने और उनकी कलाई पर राखी बांधने पहुंचीं।
लखनऊ जेल प्रशासन की ओर से आने वाली महिलाओं के लिए पेय पदार्थ की व्यवस्था भी की गई। जेलों में सुरक्षा जांच के बाद बहनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अंदर प्रवेश दिया जा रहा है।
गोंडा जेल में 500 से ज्यादा बहनों ने बांधी राखी
गोंडा मंडलीय कारागार में भी रक्षाबंधन के मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचीं। सुबह 11 बजे से शुरू हुई मुलाकात के दौरान दोपहर 12 बजे तक 500 से अधिक बहनें अपने बंदी भाइयों को राखी बांध चुकी थीं।
जेल प्रशासन ने इस दिन सामान्य मुलाकातों को रोककर राखी बांधने के लिए विशेष व्यवस्था की। बहनों ने भाइयों को रोली-चंदन लगाया, राखी बांधी और मिठाई खिलाई। लंबे समय बाद भाई-बहन की मुलाकात के दौरान कई भावुक भी नजर आए।
जेल में प्रवेश से पहले महिला पुलिसकर्मियों ने चेकिंग की। राखी, मिठाई और पैसे के अलावा दूसरे सामान को अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दी गई।
बदायूं और मेरठ में भी लगी लंबी कतार
बदायूं जिला कारागार में भी सुबह से ही बहनों की भीड़ जुटी रही। जेल गेट पर महिलाओं की लाइन लगी रही और जांच के बाद उन्हें भाइयों से मिलने के लिए अंदर भेजा गया।
मेरठ जेल के बाहर भी बहनों की लंबी कतार नजर आई। महिलाएं अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए घंटों इंतजार करती दिखीं।
झांसी जेल में मिठाई की जांच के बाद प्रवेश
झांसी जिला कारागार में रक्षाबंधन को लेकर विशेष व्यवस्था की गई। अपने भाइयों के लिए मिठाई लेकर पहुंची महिलाओं की मिठाई को जेल गेट पर जांचा गया। जांच पूरी होने के बाद ही उन्हें अंदर प्रवेश दिया गया। जेल प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मुलाकात की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से चलाया गया।
बसों और ट्रेनों में भी जबरदस्त भीड़
रक्षाबंधन पर भाई-बहनों के मिलने-जुलने के कारण परिवहन व्यवस्था पर भी दबाव दिखाई दिया। लखनऊ समेत प्रदेश के कई शहरों में बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ उमड़ी।
बसों में जगह पाने के लिए यात्रियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई जगह भीड़ इतनी अधिक रही कि लोग खिड़कियों के रास्ते बच्चों को अंदर बैठाते नजर आए। वहीं, बड़ी संख्या में यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ा।
राखी और मिठाई की दुकानों पर भी खरीदारों की भीड़ बनी हुई है। बाजारों से लेकर जेलों और सार्वजनिक परिवहन तक, Raksha Bandhan का असर पूरे प्रदेश में साफ दिखाई दे रहा है।




