Nepal Flood Warning: उत्तरी नेपाल में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नेपाल पुलिस को सूचना मिली है कि तिब्बत की ओर बनाया गया पानी का बांध फिर टूट गया है। इसके बाद राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमों के साथ स्थानीय लोगों को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है। अधिकारियों ने खतरे वाले इलाकों में रहने वाले लोगों से किसी भी तरह के संकेत मिलने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है।
नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के मुताबिक, रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी के उस इलाके में पानी के साथ मिट्टी का बहाव फिर बढ़ा है, जहां पहले भारी बाढ़ ने स्थिति बिगाड़ दी थी। इससे आसपास के इलाकों में दोबारा बाढ़ आने की आशंका पैदा हो गई है।
लोगों से ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील
अथॉरिटी ने खतरे वाले इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। किसी भी तरह का खतरे का संकेत मिलने पर लोगों को तुरंत सुरक्षित जगह जाने की सलाह दी गई है।
राहत और बचाव अभियान में लगे सुरक्षाकर्मियों तथा बचाव दलों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की कोशिश है कि पानी का बहाव बढ़ने की स्थिति में लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
त्रिशूली नदी के आसपास भी बढ़ी चिंता
उत्तरी नेपाल में बाढ़ की आशंका के बीच बचाव दल लोगों को ऊंचे इलाकों में पहुंचा रहे हैं। त्रिशूली नदी के आसपास भी कई लोग सुरक्षित स्थानों पर जमा हैं और हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।
बीबीसी की दक्षिण एशिया संवाददाता आज़ादेह मोशिरी के मुताबिक, वह भी त्रिशूली नदी से ऊपर एक इलाके में पहुंचीं, जहां लोग सुरक्षा के लिए इकट्ठा हुए हैं। उनके मुताबिक, जिस होटल में वह ठहरी थीं, उसके मैनेजर को भी सेना ने होटल खाली करने के लिए कहा था।
वहीं त्रिशूली में सेना की बैरक में लगातार हेलिकॉप्टर पहुंच रहे हैं। इन हेलिकॉप्टरों के जरिए बचाए गए लोगों को लाया जा रहा है। इनमें कुछ घायल लोग भी शामिल हैं।
बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार के सदस्यों की जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। कुछ लोग उन कागजों के आसपास भी जमा हैं, जिन पर उन लोगों के नाम लिखे हैं जिन्हें खोज लिया गया है।
तिब्बत में भूस्खलन के बाद बनी झील ने बढ़ाई चिंता
नेपाल के साथ तिब्बत की ओर भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। चीन के सरकारी मीडिया ने बुधवार को हुए भूस्खलन के बाद मलबे के बीच बनी झील से पानी के ओवरफ्लो होने की जानकारी दी थी।
सरकारी टीवी चैनल के मुताबिक, झील पूरी तरह भर गई थी और पानी धीरे-धीरे बाहर निकल रहा था। इसी वजह से अधिकारियों ने कुछ समय के लिए इलाके में बचाव अभियान रोक दिया था और स्थिति पर नजर रखी जा रही थी।
हालांकि, अब झील से पानी का बाहर निकलना रुक गया है। इसके बाद बचावकर्मियों ने अपना अभियान दोबारा शुरू कर दिया है।
झील के आसपास लगाए जाएंगे CCTV कैमरे
समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, झील की स्थिति पर नजर रखने और आने वाले समय में हालात को बेहतर तरीके से समझने के लिए उसके आसपास CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं।
अधिकारी नेपाल और तिब्बत के बीच स्थित ग्यिरोंग पोर्ट के ऊपरी हिस्से में पानी के स्तर पर भी लगातार निगरानी रख रहे हैं। बुधवार को भूस्खलन के दौरान कीचड़ और पानी के तेज बहाव ने इस सीमा क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित किया था।
550 से ज्यादा लोग लापता, विदेशी नागरिक भी शामिल
भारी बारिश के बाद मलबे के बीच बनी झील में पानी बढ़ने से नीचे के इलाकों में दोबारा बाढ़ का खतरा पैदा हो गया था। अधिकारियों को आने वाले दिनों में हालात बिगड़ने की आशंका है।
सीमा के तिब्बत वाले हिस्से में 550 से ज्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें करीब 260 विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में वे श्रद्धालु भी शामिल हैं, जो पवित्र माउंट कैलाश की यात्रा पर गए थे।
ऐसे में राहत और बचाव टीमों के सामने एक साथ दो बड़ी चुनौतियां हैं। एक तरफ लापता लोगों को तलाशकर सुरक्षित निकालना है, तो दूसरी तरफ संभावित नई बाढ़ की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना है।
Nepal Flood Warning के बीच नेपाल-तिब्बत सीमा पर नजर
फिलहाल नेपाल और तिब्बत दोनों तरफ प्रशासन और बचाव एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं। नेपाल में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के आसपास लोगों को सतर्क किया गया है, जबकि तिब्बत की ओर बनी झील और ग्यिरोंग पोर्ट के आसपास जलस्तर की निगरानी की जा रही है।
झील से पानी का ओवरफ्लो रुकने के बाद बचाव अभियान दोबारा शुरू जरूर हो गया है, लेकिन भारी बारिश और भूस्खलन के कारण खतरा पूरी तरह खत्म नहीं माना जा रहा। यही वजह है कि Nepal Flood Warning के बीच संवेदनशील इलाकों में लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और खतरे के किसी भी संकेत को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की गई है।




