धुरंधर 2 रिव्यू: Ranveer Singh का दमदार एक्शन, नोटबंदी और राजनीति से जुड़ी बड़ी कहानी

फिल्म धुरंधर 2: द रिवेंज 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और रिलीज के साथ ही यह सोशल मीडिया और दर्शकों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बन गई है।

पहले पार्ट की ऐतिहासिक सफलता के बाद इस फिल्म से दर्शकों की उम्मीदें बहुत ज्यादा थीं। मेकर्स ने इस बार कहानी को सिर्फ गैंगवार तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसमें नोटबंदी, अंतरराष्ट्रीय राजनीति और खुफिया मिशनों को जोड़कर एक बड़ा सिनेमाई अनुभव देने की कोशिश की है।

कहानी: बदले की आग से देशभक्ति तक

फिल्म की कहानी जसकीरत सिंह रांगी के किरदार के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे Ranveer Singh ने निभाया है।

जसकीरत अपने परिवार के साथ हुए अन्याय के बाद अपराध की दुनिया में कदम रखता है। लेकिन कहानी यहीं नहीं रुकती। जेल से बाहर आने के बाद उसे देश के लिए काम करने का मौका मिलता है और वह पाकिस्तान में हमजा अली मजारी बनकर अंडरकवर मिशन पर जाता है।

फिल्म का बैकड्रॉप लियारी की गैंगवार, सत्ता संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन से जुड़ा है। रहमान डकैत की मौत के बाद खाली हुई सत्ता पर कब्जा करने की जंग शुरू होती है।

इस बार फिल्म में नोटबंदी जैसे बड़े फैसलों और कई राजनीतिक घटनाओं को कहानी में जोड़ा गया है, जिससे इसका स्केल और बड़ा हो जाता है।

हालांकि, फिल्म का सबसे बड़ा सस्पेंस “बड़े साहब” के किरदार को लेकर है, लेकिन क्लाइमैक्स में इसका खुलासा उम्मीद के मुताबिक प्रभाव नहीं छोड़ता।

स्क्रीनप्ले और पेसिंग: लंबी लेकिन असरदार

फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी लंबाई और धीमा फर्स्ट हाफ है। शुरुआत में कहानी थोड़ा खिंची हुई लगती है और कुछ सीन अनावश्यक लंबे लगते हैं।

लेकिन इंटरवल के बाद फिल्म पूरी तरह बदल जाती है। सेकंड हाफ ज्यादा तेज, रोमांचक और एंगेजिंग हो जाता है। क्लाइमैक्स तक आते-आते फिल्म अपना असर छोड़ने में सफल रहती है।

फिल्म लगभग 3.5–4 घंटे के आसपास की बताई जा रही है, जिससे इसकी एडिटिंग पर सवाल उठते हैं।

एक्टिंग: रणवीर सिंह ने फिर मारी बाजी

फिल्म की सबसे बड़ी ताकत हैं Ranveer Singh।

उन्होंने जसकीरत और हमजा—दोनों किरदारों को पूरी तरह अलग अंदाज में निभाया है। उनकी बॉडी लैंग्वेज, डायलॉग डिलीवरी और इंटेंसिटी फिल्म को एक अलग स्तर पर ले जाती है।

सोशल मीडिया पर भी उनके अभिनय की जमकर तारीफ हो रही है और लोग इसे उनकी बेहतरीन परफॉर्मेंस में से एक मान रहे हैं।

इसके अलावा:

R. Madhavan का रोल मजबूत है

Sanjay Dutt का प्रेजेंस प्रभावी लेकिन सीमित है

Arjun Rampal का किरदार कमजोर लगता है

Rakesh Bedi सरप्राइज फैक्टर बनकर उभरते हैं

डायरेक्शन: बड़ा विजन, लेकिन थोड़ी कमी

फिल्म का निर्देशन Aditya Dhar ने किया है, जो पहले पार्ट के लिए भी जाने जाते हैं।

उन्होंने इस बार फिल्म का स्केल काफी बड़ा कर दिया है। फिल्म में रिसर्च और डिटेलिंग साफ नजर आती है, खासकर जब यह रियल इवेंट्स को छूती है।

लेकिन कई जगह यही कोशिश फिल्म को भारी और थोड़ा डॉक्यूमेंट्री जैसा बना देती है।

कुछ ट्विस्ट पहले से अंदाजा हो जाते हैं और कहानी कई जगह ढीली पड़ती है। हालांकि, सेकंड हाफ में डायरेक्शन संभलता है और फिल्म फिर से ट्रैक पर आ जाती है।

तकनीकी पक्ष: एक्शन और विजुअल्स शानदार

फिल्म का टेक्निकल पक्ष काफी मजबूत है।

सिनेमैटोग्राफी शानदार है

बड़े लोकेशन और विजुअल्स प्रभावशाली हैं

एक्शन सीक्वेंस हाई-लेवल के हैं

बैकग्राउंड स्कोर खासकर क्लाइमैक्स में फिल्म को और इंटेंस बनाता है।

हालांकि, एडिटिंग थोड़ी कमजोर लगती है। अगर फिल्म को 20-30 मिनट छोटा किया जाता, तो इसका असर और बेहतर हो सकता था।

म्यूजिक: कमजोर कड़ी

फिल्म का म्यूजिक इस बार उम्मीद के मुताबिक असर नहीं छोड़ पाता।

कुछ गाने जैसे “आरी आरी” और “जान से गुजरते” ठीक-ठाक हैं, लेकिन पहले पार्ट जैसा कोई यादगार गाना नहीं है।

हालांकि, बैकग्राउंड स्कोर फिल्म को संभालने में मदद करता है।

विवाद और चर्चाएं

रिलीज से पहले फिल्म कई कारणों से चर्चा में रही:

सेंसर बोर्ड ने फिल्म के कई सीन में कट लगाए और इसे ए सर्टिफिकेट दिया गया

रिलीज के दिन कुछ थिएटर में तकनीकी कारणों से शो भी कैंसिल हुए

इसके बावजूद फिल्म को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखा गया।

दर्शकों की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर फिल्म को मिला-जुला लेकिन ज्यादातर पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला है।

कई लोग रणवीर सिंह की परफॉर्मेंस और एक्शन की तारीफ कर रहे हैं, जबकि कुछ दर्शकों ने फिल्म की लंबाई और धीमी शुरुआत को लेकर आलोचना भी की है।

क्या खास है फिल्म में?

✔ रणवीर सिंह की शानदार एक्टिंग
✔ बड़ा स्केल और दमदार एक्शन
✔ राजनीति और रियल इवेंट्स का कनेक्शन
✔ मजबूत सेकंड हाफ और क्लाइमैक्स

क्या कमी रह गई?

✖ फर्स्ट हाफ धीमा
✖ लंबी अवधि
✖ कुछ किरदार अधूरे
✖ म्यूजिक कमजोर

फाइनल वर्डिक्ट

धुरंधर 2 एक बड़ी और महत्वाकांक्षी फिल्म है, जो एक्शन, राजनीति और रियल घटनाओं को जोड़कर एक अलग अनुभव देने की कोशिश करती है।

हालांकि, इसकी लंबाई और ढीली पटकथा इसे पहले पार्ट जितना दमदार नहीं बनने देती।

लेकिन इसके बावजूद, Ranveer Singh की दमदार परफॉर्मेंस, मजबूत सेकंड हाफ और शानदार क्लाइमैक्स इसे थिएटर में देखने लायक बनाते हैं।

अगर आपने पहला पार्ट पसंद किया था, तो यह फिल्म जरूर देखें — बस उम्मीदें थोड़ी संतुलित रखकर।

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