The Red Ink
ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार में राजधानी तेहरान भावनाओं और राजनीतिक संदेशों का केंद्र बन गया। हजारों लोगों की मौजूदगी के बीच लाल झंडे, ट्रंप विरोधी पोस्टर और बदले के नारे पूरे जुलूस में चर्चा का विषय रहे।
तेहरान की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब
अंतिम यात्रा के दौरान तेहरान की करीब 10 किलोमीटर लंबी सड़क के दोनों ओर लोगों की भारी भीड़ जुटी। कई लोग शोक गीत गाते नजर आए, जबकि बड़ी संख्या में समर्थक रोते और खामेनेई को अंतिम विदाई देते दिखाई दिए। जुलूस ऐतिहासिक इंक़लाब स्क्वायर से होकर गुजरा, जहां मौजूद ‘प्रतिरोध की मुट्ठी’ स्मारक भी आकर्षण का केंद्र रहा।
लाल झंडे बने प्रतिशोध का प्रतीक
अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोगों के हाथों में लाल झंडे दिखाई दिए। ईरानी परंपरा में लाल झंडे को प्रतिशोध और बदले के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। समर्थकों ने अमेरिकी और इजरायली हमलों का बदला लेने की मांग करते हुए जोरदार नारे लगाए।
ट्रंप और नेतन्याहू के खिलाफ दिखा गुस्सा
जुलूस में शामिल कई लोगों के हाथों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस के खिलाफ पोस्टर और बैनर थे। कुछ बैनरों पर तीखे विरोध के संदेश और धमकी भरे नारे भी लिखे गए थे।
कट्टरपंथी गुटों का नेतृत्व पर दबाव
खामेनेई की मौत के बाद ईरान के भीतर राजनीतिक माहौल भी गर्म है। कट्टरपंथी गुट नए नेतृत्व पर अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत को लेकर दबाव बना रहे हैं। उनका कहना है कि पहले हमले का जवाब दिया जाना चाहिए, जबकि बाद में किसी कूटनीतिक प्रक्रिया पर विचार हो।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
अर्ध-सरकारी फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी द्वारा जारी एक वीडियो में कुछ लोग पुल पर लगे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पोस्टर पर पत्थर फेंकते नजर आए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और अंतिम संस्कार के दौरान दिखे जनाक्रोश की तस्वीर पेश करता है।




