The Red Ink
लखनऊ में बुधवार देर रात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्यालय के बाहर उस वक्त राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब समाजवादी पार्टी की महिला कार्यकर्ता प्रदर्शन करने पहुंच गईं। देखते ही देखते भाजपा और सपा समर्थकों के बीच नारेबाजी शुरू हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रही महिलाओं को हिरासत में लेकर वहां से हटाया।
भाजपा कार्यालय के बाहर शुरू हुआ हंगामा
रात में सपा महिला सभा की कार्यकर्ता भाजपा मुख्यालय पहुंचीं और गेट के बाहर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। महिलाओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही भाजपा कार्यालय का मुख्य गेट अंदर से बंद कर दिया गया। कुछ देर बाद भाजपा समर्थक और कार्यकर्ता भी बाहर आ गए और उन्होंने पार्टी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में नारे लगाने शुरू कर दिए। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से माहौल तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस ने प्रदर्शन खत्म कराने की कोशिश की, लेकिन महिला कार्यकर्ता गेट पर बैठकर नारेबाजी करती रहीं। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और बहस भी हुई। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने महिलाओं को हिरासत में लेकर वहां से हटाया और हालात पर काबू पाया।
पोस्टर में योगी और अखिलेश की तुलना
प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ता अपने साथ पोस्टर भी लेकर पहुंचीं। पोस्टर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा प्रमुख अखिलेश यादव की तस्वीरें लगाई गई थीं। एक तरफ योगी आदित्यनाथ की फोटो के साथ विभिन्न मुकदमों का जिक्र किया गया था, जबकि दूसरी तरफ अखिलेश यादव को “स्वच्छ छवि वाला नेता” बताया गया। पोस्टर पर लिखा था — “चुनाव आपका, फैसला आपका।”
सपा ने लगाया छवि खराब करने का आरोप
सपा महिला सभा की प्रदेश सचिव रंजना पटेल ने आरोप लगाया कि लगातार अखिलेश यादव की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सपा कार्यकर्ता इस तरह की राजनीति बर्दाश्त नहीं करेंगे और विरोध जारी रहेगा। उन्होंने प्रदेश सरकार पर महिला सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि राज्य में अपराध बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार विपक्ष को निशाना बनाने में व्यस्त है।




