The Red Ink
मथुरा में 23 अप्रैल को कारोबारी परिवार को बंधक बनाकर हुई सनसनीखेज डकैती का पुलिस ने बड़ा खुलासा कर दिया है। गुरुवार सुबह यमुना एक्सप्रेस-वे के पास पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में बाबरिया गिरोह के दो इनामी डकैत मारे गए। दोनों पर 50-50 हजार रुपए का इनाम घोषित था। घटना के बाद पीड़ित कारोबारी ने पुलिस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि “पुलिस ने बढ़िया काम किया, अब परिवार को राहत मिली है।”
यमुना एक्सप्रेस-वे के पास हुई मुठभेड़
पुलिस के मुताबिक गुरुवार सुबह संदिग्ध बाइक सवारों की सूचना मिलने पर इलाके में घेराबंदी की गई थी। करीब 7 बजे दो युवक बाइक से आते दिखाई दिए। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो दोनों भागने लगे। भागने के दौरान बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें दोनों घायल हो गए। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ में स्वाट टीम प्रभारी अजय वर्मा और हेड कांस्टेबल दुर्ग विजय भी गोली लगने से घायल हुए हैं। दोनों का इलाज जारी है।
कौन थे मारे गए बदमाश?
एनकाउंटर में मारे गए बदमाशों की पहचान धर्मवीर उर्फ लंबू और राजेंद्र उर्फ पप्पू के रूप में हुई है। दोनों राजस्थान के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार धर्मवीर पर हत्या की कोशिश, डकैती, लूट और चोरी समेत 16 मुकदमे दर्ज थे। वहीं राजेंद्र के खिलाफ भी कई राज्यों में 11 आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं। जांच में सामने आया है कि दोनों बदमाश वारदात से पहले कई दिनों तक इलाके की रेकी करते थे और अलग-अलग नामों से अपराध को अंजाम देते थे।
कारोबारी परिवार को बनाया था बंधक
23 अप्रैल की रात टैंटीगांव में किराना कारोबारी अजय अग्रवाल के घर पांच नकाबपोश बदमाश छत के रास्ते घुसे थे। बदमाशों ने पूरे परिवार को बंधक बना लिया था। कारोबारी, उनके पिता, पत्नी और छोटी बच्ची को रस्सियों से बांधकर गन पॉइंट पर लॉकर की चाबी ली गई। करीब ढाई घंटे तक घर में लूटपाट की गई और लाखों रुपए के जेवर व नकदी लेकर आरोपी फरार हो गए थे। जाते समय बदमाश घर में लगे CCTV सिस्टम की DVR भी उखाड़कर ले गए थे ताकि सबूत न मिल सकें।
17 टीमों ने खंगाले 300 से ज्यादा CCTV
घटना के बाद पुलिस ने बड़े स्तर पर जांच अभियान चलाया। 17 टीमें गठित की गईं और 300 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले गए। पुलिस ने कई जिलों में दबिश दी और सैकड़ों लोगों से पूछताछ की। जांच के दौरान गिरोह की गतिविधियों का इनपुट मिलने पर पुलिस बदमाशों तक पहुंच सकी। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने बदमाशों के पास से लूट का कुछ सामान और जेवर भी बरामद किए हैं।
“पुलिस ने बढ़िया काम किया”
पीड़ित कारोबारी अजय अग्रवाल ने कहा कि डकैती के बाद उनका परिवार लगातार डर के माहौल में था। बदमाशों के मारे जाने की खबर मिलने के बाद परिवार ने राहत महसूस की है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करके अच्छा काम किया है।
छोटे कारोबार से चलता है परिवार
ग्रामीणों के मुताबिक अजय अग्रवाल गांव में किराने की छोटी दुकान चलाते हैं। उसी से परिवार का खर्च चलता है। गांव में हुई इस वारदात ने इलाके में दहशत फैला दी थी। अब एनकाउंटर के बाद गांव के लोगों ने भी राहत की सांस ली है।




