The Red Ink
लखनऊ के निगोहां इलाके से एक ऐसी घटना सामने आई जिसने पूरे गांव को भावुक कर दिया। जिस घर में शादी की खुशियां गूंज रही थीं, वहां कुछ ही घंटों में मातम छा गया। बेटे की बारात निकलने से पहले पिता की मौत हो गई। परिवार ने भारी दिल से पहले अंतिम संस्कार किया और फिर दूल्हा सीमित रिश्तेदारों के साथ बारात लेकर रवाना हुआ।
हल्दी की रस्म के बीच बिगड़ी तबीयत
निगोहां गांव निवासी किसान भाईलाल कश्यप अपने छोटे बेटे रिंकू कश्यप की शादी की तैयारियों में जुटे थे। 5 मई को रायबरेली के बंकागढ़ गांव बारात जानी थी। घर में मेहमानों की आवाजाही और शादी की रस्में चल रही थीं। सोमवार शाम हल्दी और मेहंदी कार्यक्रम के दौरान अचानक भाईलाल की तबीयत बिगड़ गई। परिवार वाले उन्हें तुरंत पास के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान मंगलवार सुबह उनकी मौत हो गई।
शादी की खुशियां पलभर में मातम में बदलीं
पिता की मौत की खबर मिलते ही पूरे घर में चीख-पुकार मच गई। शादी का माहौल अचानक गम में बदल गया। उधर, लड़की पक्ष को जानकारी मिली तो वहां भी सन्नाटा छा गया। परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल था कि तय शादी को टाला जाए या नहीं। रिश्तेदारों और दोनों परिवारों की सहमति के बाद फैसला लिया गया कि पहले अंतिम संस्कार होगा और उसके बाद बेहद सादगी से शादी की रस्में पूरी की जाएंगी।
अंतिम संस्कार के बाद निकली बारात
मंगलवार शाम गांव में भाईलाल कश्यप का अंतिम संस्कार किया गया। इसके कुछ घंटे बाद ही रिंकू सीमित लोगों के साथ रायबरेली के लिए रवाना हुआ। ना बैंड-बाजा था, ना डीजे और ना ही बारात की सामान्य रौनक। शादी की रस्में भी बेहद शांत माहौल में पूरी कराई गईं।
दुल्हन आई, लेकिन गांव में पसरा रहा सन्नाटा
बुधवार को रिंकू अपनी पत्नी रोहिनी को लेकर घर लौटा, लेकिन गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन था। न स्वागत की कोई तैयारी हुई और न ही खुशियों का शोर सुनाई दिया। गांव के लोगों का कहना है कि उन्होंने पहली बार ऐसा दृश्य देखा, जहां एक ही घर में कुछ घंटों के भीतर शादी की खुशी और पिता के निधन का दुख साथ दिखाई दिया।




