The Red Ink
बिहार में मुख्यमंत्री बनने के करीब तीन हफ्ते बाद Samrat Choudhary ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया। गुरुवार को हुए भव्य समारोह में 32 मंत्रियों ने शपथ ली। इस विस्तार की सबसे बड़ी चर्चा जेडीयू नेता Nitish Kumar के बेटे निशांत कुमार के पहली बार मंत्री बनने को लेकर रही।
कैबिनेट का पूरा गणित
नई कैबिनेट में सहयोगी दलों के बीच संतुलन साफ दिखाई दिया। Bharatiya Janata Party के 15, Janata Dal (United) के 13, Lok Janshakti Party (Ram Vilas) के 2 और अन्य सहयोगी दलों से एक-एक मंत्री शामिल किए गए। करीब 25 मिनट चले शपथ ग्रहण में अलग-अलग चरणों में विधायकों को शपथ दिलाई गई, जिसमें शुरुआती दौर में ही निशांत कुमार समेत कई प्रमुख चेहरों को शामिल किया गया।
नए चेहरे और बदले समीकरण
इस विस्तार में कई नए चेहरों को मौका दिया गया, जिससे राजनीतिक संदेश देने की कोशिश दिखी। वहीं कुछ अनुभवी नेताओं को इस बार मंत्रिमंडल से बाहर रखा गया। खास तौर पर Mangal Pandey को जगह नहीं मिलने पर चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के अनुसार, उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।
जातीय और सामाजिक संतुलन पर फोकस
कैबिनेट गठन में सामाजिक समीकरणों का खास ध्यान रखा गया। अलग-अलग वर्गों—EBC, OBC, दलित, सवर्ण और अल्पसंख्यक समुदाय—को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है। साथ ही, मंत्रिमंडल में 5 महिला मंत्रियों को शामिल कर महिला भागीदारी भी बढ़ाई गई है।
समारोह में दिखी PM-नीतीश की केमिस्ट्री
शपथ ग्रहण समारोह में Narendra Modi की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और खास बना दिया। समापन के बाद प्रधानमंत्री ने Nitish Kumar को मंच पर अपने पास बुलाया और उनसे हाथ मिलाया। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच हल्का-फुल्का पल भी देखने को मिला, जब नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री के कंधे पर हाथ रखकर बातचीत की। यह दृश्य समारोह का खास आकर्षण बन गया।
कार्यक्रम की खास झलकियां
पटना में आयोजित इस कार्यक्रम के लिए गांधी मैदान में विशेष तैयारियां की गई थीं। सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्वागत मंच और शहरभर में लगे पोस्टरों ने माहौल को राजनीतिक उत्सव जैसा बना दिया। हालांकि, शुरुआत में प्रोटोकॉल को लेकर भी चर्चा रही, क्योंकि कार्यक्रम की शुरुआत सीधे राष्ट्रगान से की गई।
नेताओं की प्रतिक्रिया
Nitish Kumar ने नए मंत्रिमंडल को शुभकामनाएं देते हुए भरोसा जताया कि यह टीम बिहार को विकास और सुशासन की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। वहीं केंद्रीय मंत्री Jitan Ram Manjhi ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी नए मंत्रियों को आशीर्वाद दिया और राज्य के विकास की कामना की।
सम्राट चौधरी कैबिनेट का यह विस्तार सिर्फ मंत्रियों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें राजनीतिक संतुलन, सामाजिक समीकरण और भविष्य की रणनीति साफ झलकती है। आने वाले समय में यही टीम बिहार की राजनीति और प्रशासन की दिशा तय करेगी।




