The Red Ink
लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लाखों रुपए की अवैध सिगरेट जब्त की है। तस्कर इस खेप को मोबाइल कवर और अन्य सामान बताकर ट्रेन के जरिए राजधानी तक ले आए थे।
शताब्दी के पार्सल में छिपाकर लाई गई सिगरेट
आरपीएफ क्राइम ब्रांच की टीम ने ऑपरेशन ‘सतर्क’ के तहत नई दिल्ली-लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस से आए पार्सल की जांच की। जांच के दौरान संदिग्ध पैकेट्स में भारी मात्रा में सिगरेट बरामद हुई। कुल मिलाकर करीब 560 किलो वजन की इस खेप में 3.84 लाख सिगरेट स्टिक मिलीं, जिनकी बाजार कीमत लगभग ₹38.40 लाख आंकी गई है।
जांच से बचने के लिए फर्जी डिटेल्स
तस्करों ने चालाकी दिखाते हुए पार्सल बुकिंग के समय असली सामान छिपा लिया था। कागजों में सिगरेट की जगह मोबाइल कवर, जींस और प्लास्टिक आइटम दर्ज किए गए थे, ताकि जांच एजेंसियों को शक न हो। गौर करने वाली बात यह है कि ट्रेनों के जरिए सिगरेट ले जाना नियमों के खिलाफ है, इसलिए यह पूरा ऑपरेशन अवैध तरीके से किया गया।
पार्सल गेट के बाहर दबोचा गया आरोपी
सूचना के आधार पर आरपीएफ टीम ने चारबाग स्टेशन के पार्सल गेट के पास एक युवक को पकड़ा, जो 16 पैकेट लेकर बाहर निकल रहा था। पूछताछ में उसकी पहचान आसिफ खान के रूप में हुई। उसने बताया कि यह माल किसी अनुज महेश्वरी का है, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज या लाइसेंस नहीं दिखा सका।
रेलवे एक्ट के तहत केस दर्ज
आरपीएफ ने बरामद सिगरेट में से नमूने अलग कर बाकी खेप को सील कर दिया है। मामले में रेल अधिनियम की धारा 163 के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि पार्सल के जरिए हो रही अवैध तस्करी पर रोक लगाने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।




