The Red Ink
राजधानी में स्मार्ट मीटर को लेकर सियासत गर्म हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए शक्ति भवन से विधानसभा की ओर कूच करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। इसके बाद मौके पर तीखी नोकझोंक हुई और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया गया।
विधानसभा मार्च रोका, पुलिस से झड़प
प्रदर्शनकारी हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ रहे थे। जैसे ही वे श्रीराम टावर के पास पहुंचे, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रास्ता रोक दिया। आगे बढ़ने की जिद पर अड़े कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच बहस तेज हो गई, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई लोगों को जबरन वाहन में बैठाकर ले जाया।
पगड़ी के अपमान का आरोप
प्रदर्शन में शामिल सरदार प्रतिपाल सिंह ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि कार्रवाई के दौरान उनकी पगड़ी खींचकर उतार दी गई और उन्हें घसीटा गया। उन्होंने इसे न सिर्फ व्यक्तिगत बल्कि धार्मिक सम्मान का अपमान बताया।
‘स्मार्ट मीटर नहीं, स्मार्ट लूट’
AAP नेताओं ने स्मार्ट मीटर योजना पर सवाल उठाते हुए इसे आम जनता के साथ धोखा बताया। उनका आरोप है कि जबरन घरों में मीटर लगाए जा रहे हैं और इसके चलते बिजली बिल में भारी बढ़ोतरी हो रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कई जगहों पर रिचार्ज होने के बावजूद बिजली सप्लाई बाधित हो रही है, जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
महंगाई के बीच बढ़ा गुस्सा
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पहले से महंगाई से जूझ रही जनता पर अब बिजली के बढ़ते बिल का अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। उनका कहना है कि बिजली जैसी बुनियादी जरूरत को मुनाफे का जरिया बना दिया गया है।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
AAP नेताओं ने साफ कहा कि जब तक स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक नहीं लगती, उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने इसे प्रदेशभर का मुद्दा बताते हुए बड़े स्तर पर आंदोलन की चेतावनी दी है।




